भारत में युवाओं को चुपचाप मार रहा है ये कैंसर, क्या आप भी हैं खतरे में?
भारत
चेतना मंच
28 Nov 2025 05:26 PM
भारत में युवाओं के बीच सिर और गले के कैंसर के मामले चिंताजनक रूप से बढ़ रहे हैं। ग्लोबोकैन 2020 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में साल 2040 तक कैंसर के नए मामलों की संख्या 21 लाख तक पहुंच सकती है। खासतौर पर युवाओं में सिर और गले के कैंसर के मामलों में भारी इजाफा देखने को मिल रहा है। यह बीमारी सिर्फ एक शारीरिक चुनौती नहीं, बल्कि समाज के लिए एक चेतावनी है कि हमें अपनी जीवनशैली और स्वास्थ्य के प्रति ज्यादा सतर्क होने की जरूरत है। Head and Neck Cancer
क्या है सिर और गले का कैंसर?
सिर और गले का कैंसर (Head and Neck Cancer) शरीर के ऊपरी हिस्सों में होने वाला कैंसर है, जिसमें मुंह, गला, जबड़ा, नाक, स्वरयंत्र (larynx), थायरॉइड ग्रंथि और फैरिंक्स जैसे अंग शामिल होते हैं। यह भारत में सबसे आम प्रकार के कैंसरों में से एक है, खासतौर पर तंबाकू और गुटखे का अत्यधिक सेवन इसके पीछे मुख्य कारण है।
इन कारणों से बढ़ रहे हैं मामले
तंबाकू, गुटखा और शराब का सेवन।
एचपीवी वायरस का संक्रमण (Human Papillomavirus)।
ओरल हाइजीन की अनदेखी।
वायु प्रदूषण और केमिकल एक्सपोजर।
जला हुआ या अत्यधिक प्रोसेस्ड खाना।
वेपिंग और ई-सिगरेट का चलन।
लक्षण जिन्हें नजरअंदाज न करें
मुंह में छाले या जख्म जो लंबे समय तक न भरें।
गले में सूजन या गांठ।
आवाज में बदलाव या भारीपन।
निगलने में परेशानी।
कान में लगातार दर्द।
वजन का तेजी से घटना।
सांस लेने में कठिनाई।
युवाओं में क्यों बढ़ रहा है यह कैंसर?
आजकल के युवाओं में अनहेल्दी लाइफस्टाइल, जंक फूड की लत, तनाव, और बिना जागरूकता के तंबाकू व शराब का सेवन सामान्य होता जा रहा है। इसके अलावा ई-सिगरेट और वेपिंग जैसे विकल्पों को कम हानिकारक समझकर इस्तेमाल करना भी एक बड़ी भूल साबित हो रही है। एचपीवी वायरस जो कि एक यौन संचारित वायरस (STD) है, ओरल सेक्स के जरिए फैलता है। इससे जुड़ा कैंसर गले और जीभ के पिछले हिस्से या टॉन्सिल में पाया जाता है।
तंबाकू और शराब का सेवन पूरी तरह बंद करें।
ओरल हाइजीन का विशेष ध्यान रखें।
नियमित रूप से मुंह और दांतों की जांच कराएं।
HPV वैक्सीन लगवाएं (विशेषकर युवा वर्ग)।
स्वस्थ आहार और जीवनशैली अपनाएं।
प्रदूषित वातावरण और केमिकल एक्सपोजर से बचें।
भारत में युवाओं के बीच बढ़ते कैंसर के मामलों को केवल मेडिकल समस्या मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यह स्वास्थ्य जागरूकता, नीति निर्माण, और व्यक्तिगत जिम्मेदारी का विषय है। समय रहते सतर्कता बरती जाए तो इस खतरनाक बीमारी से काफी हद तक बचा जा सकता है। Head and Neck Cancer