World Refugee Day 2023- विश्व शरणार्थी दिवस के लिए इस वर्ष निर्धारित की गई है ये थीम
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 03:05 AM
World Refugee Day-आज विश्व शरणार्थी दिवस है। प्रतिवर्ष 20 जून को आज विश्व शरणार्थी दिवस के रूप में मनाया जाता है। दुनिया भर के शरणार्थियों के साहस और शक्ति के प्रति सम्मान प्रदर्शित करने के लिए ये दिन मनाया जाता है। इस खास मौके पर आइए इस दिन से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें जानते हैं।
क्यों मनाया जाता है वर्ल्ड रिफ्यूजी डे ?
सबसे पहले हम लोग यह जान लेते हैं कि यह दिन मनाया क्यों जाता है। ये तो हम सभी जानते हैं कि पूरी दुनिया में शरणार्थी रहते हैं। शरणार्थियों को बहुत दुख, पीड़ा आदि का सामना करते हुए, अपने घर से दूर देश में रहना पड़ता है। कभी कभी तो स्थिति यह हो जाती है कि शरणार्थियों को देश से बाहर भेज दिया जाता है। बस कुछ ही देशों में उन्हें शरण दी जाती है। ऐसे में उन्हें वो सम्मान और वो हक नहीं मिल पाता है जिसके वो असल मायने में हकदार होते हैं। यही कारण है कि शरणार्थियों को सम्मान देने के लिए हर साल वर्ल्ड रिफ्यूजी डे (World Refugee Day) मनाया जाता है। इस दिन के माध्यम से शरणार्थियों के साहस और शक्ति के प्रति सम्मान व्यक्त किया जाता है।
वर्ल्ड रिफ्यूजी डे का इतिहास क्या है?
अगर इसका इतिहास देखें तो पहली बार यह दिवस 20 जून 2001 को मनाया गया था। दरअसल उस समय 1951 में हुए शरणार्थी समझौते की 51वीं वर्षगांठ पूरी हुई थी। इसी मौके पर यह दिवस पहली बार मनाया गया था। संयुक्त राष्ट्र की जो संस्था UNHCR है, वही शरणार्थियों की देखभाल करने का काम करती है।
World Refugee Day 2023 theme :वर्ल्ड रिफ्यूजी डे 2023 की थीम क्या है?
हर साल वर्ल्ड रिफ्यूजी डे की कोई न कोई थीम रखी जाती है। इस साल वर्ल्ड रिफ्यूजी डे की थीम है -'Hope Away from Home', शरणार्थियों के जीवन पर यह थीम बिल्कुल सटीक बैठती है। अपने घर और देश से दूर किसी अनजाने देश में आशा की किरण ढूंढते शरणार्थियों का जीवन आसान नहीं होता है। उनके साहस, शक्ति और प्रयास का दिल से सम्मान करना चाहिए।
भारत में शरणार्थियों की संख्या कितनी है?
भारत में शरणार्थी की संख्या कम नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार भारत में करीब 3 लाख से भी ज्यादा शरणार्थी निवास रहते हैं। इन शरणार्थियों इन सबसे ज्यादा शरणार्थी रोहिंग्या मुस्लिम हैं।