महिला सांसदों से धक्कामुक्की के आरोप का जवाब देने के लिए सरकार ने उतारे 8 केंद्रीय मंत्री
भारत
RP Raghuvanshi
29 Nov 2025 01:47 PM
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29 Nov 2025 01:47 PM
मानसून सत्र के दौरान कल राज्यसभा में विपक्ष की महिला सांसदों के साथ हुई कथित मारपीट का मामला गरमाता जा रहा है। गुरुवार को इसको लेकर विपक्ष ने जहां सड़क पर मार्च निकाला तो केंद्र सरकार ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के लिए अपने 8 मंत्रियों को मोर्चे पर उतार दिया। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल,धर्मेंद्र प्रधान,अर्जुन मेघवाल,भूपेंद्र यादव,वी मुरलीधर,अनुराग ठाकुर और प्रह्लाद पटेल ने प्रेस कांफ्रेंस कर विपक्ष के आरोपों को बेबुनियाद करार दिया।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहाकि विपक्ष का रवैया बेहद शर्मनाक रहा। लोग इस बात का इंतजार कर रहे थे कि सदन में उनके मुद्दे उठाए जाएं,जबकि इसके उलट विपक्ष के एजेंडे में केवल हंगामा करना व अराजकता फैलाना था। उसे न तो करदाताओं के पैसे की चिंता रही और न ही लोगों की परवाह रही। उन्होंने कहाकि संसद में जो हुआ वह शर्मनाक था। विपक्ष को घड़ियाली आंसू बहाने के बजाय देश से माफी मांगनी चाहिए। वहीं प्रह्लाद जोशी ने कहाकि मंगलवार को कुछ सांसद मेज के ऊपर खड़े होकर खुद पर बड़ा गर्व महसूस कर रह थे। उन्हें लग रहा था कि शायद उन्होंने कुछ महान कार्य कर दिया है। उन्होंने इसका वीडियो बनाकर ट्वीट किया,जबकि सदन में किसी को वीडियो बनाने की अनुमति नहीं है। प्रह्लाद ने कहाकि राहुल गांधी ने सरकार की कार्यवाही को लोकतंत्र की हत्या कहा है। देश देख सकता है कि उन्होंने सदन में क्या किया। अगर उनमें जिम्मेदारी की जरा भी समझ है तो देश से माफी मांगे। बतादें कि बुधवार को राज्यसभा में विपक्ष की कुछ महिला सांसदो ने आरोप लगाया था कि उनके साथ पुरुष मार्शलों द्वारा धक्कामुक्की की गई।