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बिहार अब देश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे सड़क नेटवर्क वाले राज्यों में शामिल होता दिख रहा है। राज्य में करीब 2.11 लाख करोड़ रुपये की लागत से 15 बड़े हाईवे और एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है।

Road Network : बिहार अब देश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे सड़क नेटवर्क वाले राज्यों में शामिल होता दिख रहा है। राज्य में करीब 2.11 लाख करोड़ रुपये की लागत से 15 बड़े हाईवे और एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। इन परियोजनाओं का लक्ष्य सिर्फ यात्रा समय घटाना ही नहीं, बल्कि बिहार को यूपी, बंगाल और नेपाल बॉर्डर तक मजबूत कनेक्टिविटी देना भी है। इन योजनाओं के पूरा होने के बाद बिहार से दिल्ली, कोलकाता, झारखंड और उत्तर प्रदेश तक की दूरी और समय दोनों में बड़ी कमी आने की उम्मीद है।
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सबसे अहम परियोजनाओं में शामिल रक्सौल-हल्दिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे उत्तर बिहार के लिए गेमचेंजर माना जा रहा है। इस सड़क के जरिए मखाना, लीची और अन्य कृषि उत्पाद सीधे हल्दिया पोर्ट तक कम समय में पहुंच सकेंगे। अभी जहां रक्सौल से हल्दिया पहुंचने में करीब 20 घंटे लगते हैं, वहीं एक्सप्रेसवे बनने के बाद यह सफर लगभग 11 घंटे में पूरा हो सकेगा।
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आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे राज्य की कनेक्टिविटी को नई दिशा देगा। इस परियोजना से गया से दरभंगा की दूरी घटकर लगभग 4 घंटे रह जाएगी। यह मार्ग पटना सहित कई जिलों को जोड़ते हुए व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा। वाराणसी-कोलकाता ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बिहार के कई जिलों-भभुआ, सासाराम, औरंगाबाद और गया से होकर गुजरेगा। इस मार्ग से कोलकाता पोर्ट तक पहुंच आसान होगी और माल ढुलाई तेज होने के साथ सस्ती भी होगी। गया से कोलकाता की यात्रा, जो अभी लगभग 9 घंटे लेती है, घटकर करीब 5 घंटे से कम रह जाएगी।
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गोरखपुर-सिलीगुड़ी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बिहार को नॉर्थ-ईस्ट से जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण परियोजना है। छह लेन वाले इस हाईवे से सीमांचल और उत्तर बिहार के जिलों की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा। गोपालगंज से सिलीगुड़ी की यात्रा करीब 5 घंटे में पूरी हो सकेगी। राजधानी पटना में ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करने के लिए करीब 150 किलोमीटर लंबी रिंग रोड बनाई जा रही है। यह दिल्ली मॉडल पर आधारित होगी। इसके बनने के बाद भारी वाहन शहर में प्रवेश किए बिना ही दूसरे जिलों तक जा सकेंगे, जिससे पटना का ट्रैफिक दबाव काफी कम हो जाएगा।
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पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को सीमांचल और कोसी क्षेत्र के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। इस परियोजना से पटना से पूर्णिया की यात्रा 6 घंटे से घटकर लगभग 3 घंटे रह जाएगी। राज्य में कई अन्य बड़े प्रोजेक्ट भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, जिनमें शामिल हैं-
* पटना-गया-डोभी कॉरिडोर
* मोकामा-मुंगेर फोरलेन
* दानापुर-बिहटा-कोईलवर एलिवेटेड कॉरिडोर
* रजौली-बरियारपुर कॉरिडोर
* पटना-मानिकपुर-अरेराज-बेतिया फोरलेन
* पटना-आरा-सासाराम ग्रीनफील्ड हाईवे
इन सभी परियोजनाओं के पूरा होने पर पश्चिम और मध्य बिहार की कनेक्टिविटी में ऐतिहासिक सुधार देखने को मिलेगा।
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पटना से सासाराम तक सिर्फ 2 घंटे में सफर
पटना-आरा-सासाराम हाईवे के जरिए यात्रा समय में भारी कमी आने की उम्मीद है। जहां अभी यह सफर लगभग 5 घंटे में पूरा होता है, वहीं नई सड़क बनने के बाद यह घटकर सिर्फ 2 घंटे रह जाएगा। इन 15 बड़े सड़क प्रोजेक्ट्स के जरिए बिहार न सिर्फ अपनी आंतरिक कनेक्टिविटी मजबूत करेगा, बल्कि यूपी, बंगाल और नेपाल तक सीधा और तेज सड़क संपर्क भी स्थापित करेगा। इससे राज्य में व्यापार, रोजगार और औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
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