
Saharanpur News : सहारनपुर में झोलाछाप डॉक्टर द्वारा पेड़ों पर ग्लूकोज की बोतल लटकाकर मरीजों को चढ़ाई जा रही है। जबकि चिकित्सक के पास कोई डिग्री नहीं और न ही रजिस्ट्रेशन। बावजूद इसके गंभीर रोगी को ठीक करने की गारंटी। झोलाछाप डॉक्टरों के इलाज से मरीजों की जान पर मुसीबत आती है। ग्रामीण और मजदूर कम पढ़े लिखे लोग इनके आसान शिकार होते हैं। जिले में एक दो नहीं बल्कि सैकड़ों से अधिक झोलाछाप डॉक्टर जगह-जगह, एक-एक दुकानों में अस्पताल चला रहे हैं। गांव में तो अस्पताल के लिए दुकान की भी जरूरत नहीं है। किसी पेड़ के नीचे किसी मरीज को भर्ती और पेड़ डाल पर ही बोतल लटकाकर मरीजों को चढ़ा दी जाती है।
सहारनपुर जिले में डेंगू और मलेरिया (dengue malaria) का प्रकोप जारी है। ग्रामीण क्षेत्रों में इसका ज्यादा प्रभाव पड़ रहा है। ऐसे में झोलाछाप डॉक्टर मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। बेपरवाह सरकारी व्यवस्था का लाभ झोलाछाप डॉक्टर उठा रहे हैं। ऐसी ही एक तस्वीर बेहट तहसील के कलसिया की सामने आई है, जहां पर पेड़ के नीचे मासूम बच्चों और अन्य मरीजों का इलाज किया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि पेड़ पर ग्लूकोज की बोतल चढ़ाई जा रही है।
जिला अस्तपाल 320 बेड का है। जिसमें डेंगू के मरीजों के मात्र 10 बेड का वार्ड बनाया हुआ है, जो खाली है। लेकिन मेडिकल वार्ड सहित अन्य वार्डों में बुखार के मरीज भर्ती है। यहीं नहीं जिला अस्पताल में सामान्य दिनों से 25% ओपीडी बढ़ गई है। यह संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। वहीं अस्पताल में चिकित्सकों और स्टाफ की कमी के कारण स्वास्थ्य विभाग को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप डॉक्टरों की लंबी भीड़ है। इनकी पहुंच भी इतनी है कि मजाल क्या स्वास्थ्य महकमा का कोई अफसर इन पर हाथ डाल सके। ब्लॉक क्षेत्र के कस्बा और गांव व सड़कों पर जगह-जगह झोलाछाप डॉक्टरों के क्लीनिक संचालित है। इनके यहां प्रतिदिन सैकड़ों मरीज इलाज के नाम पर लूट रहे हैं। ये झोलाछाप चार-पांच डिब्बों में रखी रंग-बिरंगी गोलियों से सभी साध्य और असाध्य रोगों का इलाज करते हैं। मरीज को जरूरत हो या ना हो ग्लूकोज के नाम पर तुरंत बोतल लगा देते हैं। सरकारी अस्पतालों में दम तोड़ती स्वास्थ्य सेवाएं भी इसके लिए कम दोषी नहीं है। बीमार पड़ने पर मरीज सरकारी अस्पताल को खुद बीमार पाता है। कहीं दवा का अभाव तो कहीं डॉक्टर नहीं। यही वजह है जिनसे परेशान होकर मरीज इन झोलाछाप डॉक्टरों के चंगुल में फंस जाते हैं।
सीएमओ डा.संजीव मांगलिक का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है। एक टीम मौके पर भेजी गई है। झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।