ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ से अमेरिकी और वैश्विक बाजारों में गिरावट !
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चेतना मंच
01 Dec 2025 04:38 AM
Stock Market : शुक्रवार को डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ (प्रतिदान शुल्क) के कारण अमेरिकी शेयर बाजार (Stock Market) में 5 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। निवेशकों में वैश्विक आर्थिक मंदी की आशंका बढ़ी, जिसके परिणामस्वरूप डॉव जोन्स, एस एंड पी 500 और नास्डैक जैसी प्रमुख सूचकांकों में भारी नुकसान देखा गया।
शेयर बाजारों (Stock Market) में भारी गिरावट
डॉव जोन्स सूचकांक में 5.50 प्रतिशत की गिरावट आई, जो एक बड़ी गिरावट मानी जा रही है। एस एंड पी 500 में करीब 6 प्रतिशत की कमी आई, जबकि नास्डैक ने 5.73 प्रतिशत का नुकसान देखा। बैंकिंग और मार्केट एक्सपर्ट अजय बग्गा के अनुसार, "ट्रंप के शपथ ग्रहण के बाद से अमेरिकी बाजारों ने 9 ट्रिलियन डॉलर का मार्केट कैप खो दिया है।"
आस्क प्राइवेट वेल्थ की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रंप के द्वारा लगाए गए शुल्क अमेरिका की अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता को बढ़ा सकते हैं और संभवत: अमेरिका में मंदी के साथ महंगाई (स्टैगफ्लेशन) का कारण बन सकते हैं। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई कि यह कदम व्यापार बाधाओं को 1800 के दशक के स्तर तक पहुंचा सकता है।
वैश्विक बाजारों पर असर
ट्रंप के प्रतिकूल शुल्कों का असर वैश्विक बाजारों पर भी पड़ा। ब्रिटेन का FTSE 100 इंडेक्स 4.95 प्रतिशत गिरा, जबकि जर्मनी का DAX परफॉर्मेंस इंडेक्स भी 4.95 प्रतिशत नीचे बंद हुआ। भारत के शेयर बाजार (Stock Market) भी इस प्रभाव से बच नहीं पाए और सेंसेक्स तथा निफ्टी में गिरावट आई।
भारत में बाजारों (Stock Market) पर असर
भारत में सेंसेक्स 75,364.69 अंक पर बंद हुआ, जो 930.67 अंक यानी 1.22 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है। निफ्टी 345.65 अंक यानी 1.49 प्रतिशत गिरकर 22,904.45 अंक पर बंद हुआ। एक समय सेंसेक्स 1,000 अंक तक गिर चुका था, लेकिन बाद में कुछ नुकसान कम हो गया।
ट्रंप की व्यापार नीति
ट्रंप प्रशासन ने अपने दूसरे कार्यकाल में "फेयर और रिसिप्रोकल प्लान" के तहत व्यापार भागीदारों पर शुल्क बढ़ाए हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका अन्य देशों द्वारा लगाए गए शुल्कों का मेल करेगा, ताकि व्यापार में समानता बनी रहे, और इसमें भारत भी शामिल है।Stock Market :