वोटर लिस्ट पर तू-तू मैं-मैं! बिहार विधानसभा में गरमाया माहौल
Bihar Samachar
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 04:45 PM
Bihar Samachar: बिहार विधानसभा में वोटर लिस्ट रिवीजन को लेकर मंगलवार को जोरदार बहस और तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने वोटर लिस्ट अपडेट फॉर्म में मांगे जा रहे 11 दस्तावेजों को लेकर सवाल उठाए और कहा कि, "गरीबों के पास इतने कागज कहां से आएंगे?" तेजस्वी के इस आरोप पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भड़क उठे और तीखे लहजे में पलटवार करते हुए कहा, "अरे, तब तो तुम बच्चा थे... बेमतलब की बातें मत करो।"
क्या बोले तेजस्वी यादव?
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार एक गरीब राज्य है और आज भी बहुत से लोगों के पास बुनियादी दस्तावेज नहीं हैं। “वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए 11 तरह के कागजात मांगे जा रहे हैं। क्या यह गरीबों के साथ अन्याय नहीं है?” तेजस्वी ने आगे कहा कि राज्य में डिजिटल डिवाइड भी बड़ा मुद्दा है और सरकार को इस तरह की प्रक्रिया लाने से पहले व्यवहारिकता पर ध्यान देना चाहिए।
नीतीश कुमार का तीखा पलटवार
तेजस्वी के आरोपों से नाराज नीतीश कुमार ने विधानसभा में गुस्से में कहा, “ये तो बेमतलब की बातें कर रहा है। अरे तब तो तुम बच्चा थे! तुम्हारे माता-पिता मुख्यमंत्री थे, तब क्या हुआ? अब चुनाव लड़ना है तो कुछ भी बोलते रहो।” उन्होंने कहा कि उनके शासन में महिलाओं, अल्पसंख्यकों और पिछड़ों के लिए असली काम हुआ है। “हमने तो ऐसा काम किया कि अब शाम में पटना की सड़कें सुरक्षित हैं। पहले तो कोई निकल नहीं सकता था। जो किया है उसी को लेकर जनता के बीच जाएंगे।”
तेजस्वी और नीतीश के बीच तीखी बहस के दौरान सदन में काफी हंगामा और शोर-शराबा हुआ। सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक भी इस बहस में कूद पड़े। स्पीकर को कई बार व्यवस्था बनानी पड़ी।
क्या है विवाद की जड़?
वोटर लिस्ट के रिवीजन के दौरान नए वोटरों से 11 तरह के दस्तावेज मांगे जा रहे हैं जिनमें पहचान पत्र, जन्मतिथि प्रमाण, निवास प्रमाणपत्र, आधार कार्ड, मोबाइल नंबर जैसे दस्तावेज शामिल हैं। विपक्ष का आरोप है कि यह प्रक्रिया गरीब, अशिक्षित और ग्रामीण वर्ग के लिए अनावश्यक रूप से जटिल बना दी गई है।