सावधान! सूर्य ग्रहण में तुलसी से जुड़ी ये 5 चीजें भूलकर भी न करें
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 02:34 AM
कल यानी 21 सितंबर को साल 2025 का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण लगने वाला है। हालांकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा लेकिन पारंपरिक और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण काल में विशेष सावधानी बरतना बेहद जरूरी होता है। खासतौर पर तुलसी से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें हैं जिनका पालन ग्रहण के समय करना आवश्यक माना जाता है। तुलसी का पौधा न केवल धार्मिक दृष्टि से पवित्र है बल्कि इसका स्वास्थ्य और आध्यात्मिक महत्व भी बहुत बड़ा है। Surya Grahan 2025
तुलसी का महत्व और ग्रहण काल में सावधानी क्यों जरूरी?
हिंदू धर्म में तुलसी को बेहद पवित्र माना गया है। यह न सिर्फ औषधीय पौधा है बल्कि इसे कई धार्मिक अनुष्ठानों में भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। जब सूर्य या चंद्र ग्रहण होता है तो तुलसी के पौधे से जुड़ी सावधानियां और भी जरूरी हो जाती हैं। ग्रहण के समय तुलसी के पौधे पर अशुभ प्रभाव पड़ने से बचाने के लिए कुछ नियम बनाए गए हैं जिनका पालन करना हर भक्त के लिए आवश्यक है।
ग्रहण काल में तुलसी के पौधे को न छुएं: ग्रहण के समय तुलसी के पौधे को छूना वर्जित होता है। ऐसा करने से न केवल पौधे को नुकसान हो सकता है बल्कि ग्रहण की नकारात्मक ऊर्जा का असर भी बढ़ सकता है।
तुलसी की पत्तियां तोड़ना ठीक नहीं: ग्रहण के दौरान तुलसी की पत्तियां तोड़ना टाला जाना चाहिए। इससे नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है और पौधे का पवित्र प्रभाव कम हो सकता है।
तुलसी को खुले में न रखें: ग्रहण के समय तुलसी के पौधे को घर के खुले हिस्से में रखना अशुभ माना जाता है। इसलिए बेहतर होगा कि इसे हल्के रंग के कपड़े से ढक दिया जाए।
ग्रहण में तुलसी के पत्ते किसी को न दें: ग्रहण के दौरान तुलसी की पत्तियां किसी अन्य व्यक्ति को देना या बांटना उचित नहीं माना जाता। ऐसा करने से ग्रहण का प्रभाव बढ़ सकता है।
ग्रहण में तुलसी की देखभाल न करें: ग्रहण के दौरान तुलसी को पानी देना या उसकी देखभाल करना भी टाला जाना चाहिए। इस अवधि में पौधे को भी विश्राम की जरूरत होती है। Surya Grahan 2025