Elon Musk- ट्विटर के मालिक एलन मस्क ने भारत से मांगी माफी, जानें वजह
भारत
चेतना मंच
26 Nov 2025 03:50 PM
Twitter- जब से एलन मस्क (Elon Musk) ने ट्विटर को खरीदा है एवं कार्यभार संभाला है तब से आए दिन ट्विटर को लेकर कोई न कोई खबर सुर्खियों में बनी रहती है। अब ये खबर सामने आ रही है कि ट्विटर भारत समेत अन्य कई देशों में काफी स्लो चल रहा है। ये बात खुद एलन मस्क ने कही है। ये बात मस्क ने इससे पहले 13 नवंबर को भी बोली थी। जिसके बाद ट्विटर की स्पीड को लेकर मस्क ने ट्विटर यूजर्स से माफी मांगी थी। अब फिर से मस्क ने भारत समेत कई अन्य देशों में ट्विटर की स्पीड को लेकर बयान दिया है। इसके साथ ही उन्होंने इसके पीछे की वजह को भी बताया है।
एलन मस्क (Elon Musk) का कहना है कि यूजर्स को ट्विटर के होम लाइन ट्वीट्स को रिफ्रेश करने में समस्या आती है एवं रिफ्रेश करने में काफी समय लगता है। ट्विटर ने बीते मंगलवार को यह एक ट्वीट किया था जिसमें उन्होंने लिखा था कि, 'ट्विटर भारत, इंडोनेशिया और कई अन्य देशों में बहुत धीमा है। यह एक तथ्य है, ‘दावा’ नहीं। होमलाइन ट्वीट्स को रीफ्रेश करने के लिए 10 से 15 सेकेंड आम बात है। कभी-कभी, यह बिल्कुल काम नहीं करता है। खासकर एंड्रॉइड फोन पर एकमात्र सवाल यह है कि बैंडविड्थ / विलंबता / ऐप के कारण कितना विलंब हो रहा है।' इसके साथ ही एलन मस्क ने एक और ट्वीट किया था जिसमें उन्होंने यह बताया है कि भारत में एक ट्वीट को रिफ्रेश करने में 20 सेकंड का समय लगता है, वहीं अमेरिका में उसी ट्वीट को रिफ्रेश करने में महज 2 सेकंड लगते हैं।
एलन मस्क (Elon Musk) के माफी वाले ट्वीट करने के बाद, ट्विटर के पूर्व कर्मचारी सैम पुलारा ने उसका जवाब देते हुए लिखा है कि, 'असली मुद्दा यह है कि वे सर्वर साइड रेंडरियन को अनदेखा करते हैं और आपको केवल एक ट्वीट देखने के लिए टन कोड डाउनलोड करना होगा। अन्य देशों में ट्विटर के धीमा होने का कारण राउंड ट्रिप और शुरुआती डाउनलोड है। इसमें बैकएंड उतना योगदान नहीं दे रहा है।'
वहीं दूसरी ओर अगर ट्विटर की स्पीड को बढ़ाना है तो हमें सर्वर कंट्रोल टीम के आंकड़े पर भी ध्यान देना होगा। सर्वर कंट्रोल टीम के अनुसार अगर बात करें तो माइक्रो सर्विसेज की लगभग 1200 सर्वर साइट हैं। इनमें से ट्विटर के लिए 40 बेहद महत्वपूर्ण हैं। इसीलिए ट्विटर की स्पीड में बढ़ोतरी करने के लिए इस 1200 के आंकड़े को कम करना होगा एवं डेटा का जो कंसम्पशन है उसे भी कम करना होगा। साथ ही एप को थोड़ा और फ्रेंडली और आसान बनाना होगा।