Uday Pratap Singh : ना मेरा है ना तेरा है ये हिन्दुस्तान सबका है, नहीं समझी गई ये बात तो नुकसान सबका है: उदय प्रताप सिंह
Famous Poet Uday Pratap Singh
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 06:05 PM
Uday Pratap Singh : प्रसिद्ध कवि, गजलकार, शिक्षाविद एवं सुप्रसिद्ध समाजवादी नेता उदय प्रताप सिंह आज किसी परिचय का मोहताज नहीं है। वर्ष-1932 में उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में जन्में कविवर उदय प्रताप सिंह अब 90 वर्ष के हो चुके हैं। लम्बे अर्से तक शिक्षक व प्रधानाचार्य रहे उदय जी को उनके जानने वाले गुरूजी के संबोधन से बुलाते हैं। यूं तो उन्होंने हजारों रचनाएं लिखी हैं, किन्तु उनकी कुछ रचनाओं ने हर दिल में स्थान बनाया है। उनकी एक अमर रचना हम यहां नीचे आपको पढ़वा रहे हैं। आशा है आपको पसंद आएगी। पसंद आने पर आप इसे अपने मित्रों, शुभचिंतकों एवं परिजनों को भेंट स्वरूप भेज सकते हैं। इस लिंक को ज्यों का त्यों भी फारवर्ड कर सकते हैं।
Uday Pratap Singh :
हिन्दुस्तान सबका है !
न मेरा है न तेरा है ये हिन्दुस्तान सबका है
नहीं समझी गई ये बात तो नुकसान सबका है
हज़ारों रास्ते खोजे गए उस तक पहुँचने के
मगर पहुँचे हुए ये कह गए भगवान सबका है
जो इसमें मिल गईं नदियाँ वे दिखलाई नहीं देतीं
महासागर बनाने में मगर एहसान सबका है
अनेकों रंग, ख़ुशबू, नस्ल के फल-फूल पौधे हैं
मगर उपवन की इज्जत-आबरू ईमान सबका है
हक़ीक़त आदमी की और झटका एक धरती का
जो लावारिस पड़ी है धूल में सामान सबका है
जऱा से प्यार को खुशियों की हर झोली तरसती है
मुकद्दर अपना-अपना है, मगर अरमान सबका है
उदय झूठी कहानी है सभी राजा और रानी की
जिसे हम वक़्त कहते हैं वही सुल्तान सबका है