मंगलवार सुबह उदयनिधि स्टालिन के घर पर पुलिस बल की भारी तैनाती देखी गई थी। इसके बाद डीएमके के कई पदाधिकारी और समर्थक उनके घर पहुंच गए। इससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।

तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन को 4 अगस्त को पुलिस चेन्नई स्थित उनके घर से लेकर चली गई। डीएमके लीडर ने 3 जुलाई को एक रैली के दौरान तमिल अभिनेत्री तृषा कृष्णन के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
मंगलवार सुबह उदयनिधि स्टालिन के घर पर पुलिस बल की भारी तैनाती देखी गई थी। इसके बाद डीएमके के कई पदाधिकारी और समर्थक उनके घर पहुंच गए। इससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
हिरासत में लिए जाने के बाद उदयनिधि स्टालिन ने कहा, "मैंने किसी का नाम नहीं लिया और न ही कोई अभद्र बात कही। मैं नतीजों का सामना करने के लिए तैयार हूं और गिरफ्तारी से नहीं डरता।"
क्या है पूरा विवाद?
तंजावुर में एक कावेरी जल विवाद को लेकर आयोजित विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की उदासीनता के कारण तमिलनाडु को कावेरी का एक बूंद पानी भी नहीं मिला। रैली के दौरान उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने ‘‘तृषा, तृषा’’ के नारे लगाए।
उदयनिधि ने इस पर अपना भाषण रोककर मुस्कुराते हुए कथित तौर पर 'डबल मीनिंग' वाली आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिसके बाद उनका राजनीतिक विरोध शुरू हो गया।
उदयनीधि की टिप्पणी का विरोध तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) के साथ ही अन्य दलों ने भी किया।
टीवीके सरकार में मंत्री एन आनंद ने सवाल उठाया कि क्या विनम्रता और आत्मसंयम से रहित व्यक्ति कैसे हमारे तमिलनाडु का उप मुख्यमंत्री बना था। बता दें उदयनिधि पूर्ववर्ती डीएमके सरकार में डिप्टी सीएम थे.
राज्य की बीजेपी यूनिट के मुख्य प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने ‘एक्स’ पर कहा कि उदयनिधि की कथित ‘‘द्विअर्थी’’ टिप्पणी ‘‘घृणित, अश्लील, आपत्तिजनक और शर्मनाक’’है। तमिलनाडु कांग्रेस नेता मणिकम ठाकुर समेत कई नेताओं ने उदयनिधि की 'टिप्पणी' की आलोचना की है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक टीवीके ने इस मामले में पुलिस और राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) में शिकायत दर्ज कराई थी।
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