
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने देशभर में लगभग 900 अतिरिक्त कॉलेजों को ऑनलाइन डिग्री कोर्स शुरू करने की अनुमति दी है। UGC ने 900 कॉलेजों को ऑनलाइन डिग्री कोर्स कराने की अनुमति छात्रों को सीखने का अवसर प्रदान करने के लिए किया गया है। सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को ध्यान में रखते हुए ये फैसला किया है। वर्तमान में, केवल विश्वविद्यालयों को ऑनलाइन डिग्री प्रदान करने की अनुमति है।
सरकार ने ये फैसला राष्ट्रीय शैक्षिक नीति, एनईपी 2020 के माध्यम से ऑनलाइन शिक्षा के दृष्टिकोण के अनुरूप लिया है। अब छात्र दूर रहकर भी अपना मनपसंद डिग्री कोर्स प्राप्त करने में सक्षम होंगे। इन 900 कॉलेज की रैंक की बात करे तो राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग ढांचा (एनआईआरएफ) की रैंकिंग में दो बार अपने संबंधित विषय में टॉप 100 रैंक हासिल कर रहे हैं। इन कॉलेजों को यूजीसी से पूर्व अनुमोदन की जरूरत नहीं है। लेकिन यूजीसी द्वारा जारी नियमों और दिशानिर्देशों का पालन करना भी जरूरी होगा।
>> ECL recruitment 2022 : ECL में 313 पदों के लिए निकली भर्तीइसके अलावा पारंपरिक कार्यक्रमों के विपरीत जहां उम्मीदवारों को 12वीं कक्षा के स्तर पर एक निश्चित स्कोर की आवश्यकता होती है, इन ऑनलाइन स्नातक डिग्री कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए पात्रता केवल वरिष्ठ माध्यमिक पास भी हो सकते हैं। इसी तरह ऑनलाइन स्नातकोत्तर डिग्री कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए, प्रासंगिक स्नातक पाठ्यक्रम में पात्रता पास करना होगा। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) ऑनलाइन प्रोक्टेड मोड परीक्षा या कंप्यूटर आधारित टेस्ट के माध्यम से छात्रों का मूल्यांकन करेगी। छात्रों को रेगुलर डिग्री पाठ्यक्रमों की तरह ही ऑनलाइन डिग्री कार्यक्रमों में न्यूनतम 75 प्रतिशत अटेंडस होना चाहिए।
मौजूदा यूजीसी (ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग प्रोग्राम्स एंड ऑनलाइन प्रोग्राम्स) रेगुलेशन, 2020 में संशोधन के मसौदे को अंतिम रूप दिया जा रहा है और यह इस सप्ताह हितधारकों से फीडबैक के लिए उपलब्ध होगा। ये 900 कॉलेजों सहित उच्च शिक्षण संस्थानों को उभरते क्षेत्रों में ऐसे पाठ्यक्रम पढ़ाने देगा जो इन-पर्सन मोड में संभव नहीं हो सकते हैं।