मजेदार बात यह है कि हो ब्राह्मण समाज UGC का कड़ा विरोध कर रहा है उसी ब्राह्मण समाज के IAS अधिकारी ने UGC के विवादित नियम बनाए हैं। यह अलग बात है कि UGC के नए नियम बनाने वाले IAS अधिकारी के साथ केन्द्रीय शिक्षा मंत्री की भी मिलीभगत रही है।

IAS officer Vineet Joshi : इन दिनों भारत में UGC की खूब चर्चा हो रही है। चारों तरफ विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी कि UGC का नाम चर्चा का विषय बना हुआ है। UGC के द्वारा बनाए गए नए नियमों का भारत का पूरा सवर्ण समाज भारी विरोध कर रहा है। UGC के विरोध का नेतृत्व ब्राह्मण समाज करता हुआ नजर आ रहा है। मजेदार बात यह है कि हो ब्राह्मण समाज UGC का कड़ा विरोध कर रहा है उसी ब्राह्मण समाज के IAS अधिकारी ने UGC के विवादित नियम बनाए हैं। यह अलग बात है कि UGC के नए नियम बनाने वाले IAS अधिकारी के साथ केन्द्रीय शिक्षा मंत्री की भी मिलीभगत रही है।
आपको बता दें कि UGC का पूरा कामकाज UGC के चेयरमैन की देखरेख में होता है। इन दिनों UGC के चेयरमैन ब्राह्मण समाज से आने वाले IAS अधिकारी विनीत जोशी हैं। UGCके चेयरमैन विनीत जोशी की देखरेख में ही यूजीसी (UGC) के विवादित नियम बने हैं। UGC के इन नियमों को ‘‘प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीटयूशन रेगुलेशन-2026’’ नाम दिया गया है। UGC के चेयरमैन विनीत जोशी 1992 बैच के IAS अधिकारी हैं। वें मूल रूप से मणिपुर कैडर के IAS अधिकारी हैं। IAS विनीत जोशी वर्तमान में UGC के कार्यवाहक अध्यक्ष हैं। वह जनवरी 2025 से भारत सरकार में शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग में सचिव पद पर तैनात हैं। उन्हें UGC का अतिरिक्त कार्यभार 11 अप्रैल 2025 को सौंपा गया था। देश में कई अहम शिक्षा सुधारों में उनकी अहम भूमिका रही है। शिक्षा मंत्रालय में आने से पहले वह CBSE के अध्यक्ष पद पर थे। वह सीबीएसई के दो बार चेयरमैन रहे। वह नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के महानिदेशक और मणिपुर सरकार के मुख्य सचिव भी रह चुके हैं। उन्होंने अपनी सेवा मणिपुर के युवा मामलों और खेल विभाग से शुरू की थी। विनीत जोशी ने उत्तर प्रदेश प्रयागराज के एनी बेसेंट स्कूल और गवर्नमेंट इंटर कॉलेज इलाहाबाद से पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने आईआईटी कानपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की। और फिर प्रतिष्ठित संस्थान इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन ट्रेड (आईआईएफटी) से एमबीए किया। आईआईएफटी में एमबीए में वह गोल्ड मेडलिस्ट थे। इसके बाद उन्होंने इसी संस्थान से क्वालिटी मैनेजमेंट में पीएचडी भी की। विनीत जोशी मूलरूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं।
UGC यानी यूनिवर्सिटी ग्रांट कमिशन भारत सरकार की वो संस्था है जो देश के कॉलेज व विश्वविद्यालयों पर नजर रखती है। UGC ही इन विश्वविद्यालयों को मान्यता देती है। नियमों के उल्लंघन पर UGC मान्यता को छीन भी लेती है। विश्वविद्यालयों में पढ़ाई का स्तर कैसा होगा, शिक्षकों की योग्यता क्या होगी, किस शैक्षणिक संस्थान को सरकार से पैसा मिलेगा, यह सभी UGC ही तय करता है। यूनिवर्सिटीज में टीचिंग, एग्जाम और रिसर्च के स्टैंडर्ड तय करने व बनाए रखने की जिम्मेदारी UGC की होती है।
UGC के नए नियमों के विरोध में सवर्ण पूरी ताकत से लगा हुआ है। देश भर का ब्राह्मण समाज इस विरोध का नेतृत्व करता हुआ नजर आ रहा है। ठाकुर समाज हो अथवा वैश्य समाज सवर्ण समाज से जुड़ी हुई सभी जातियां UGC के नए नियमों के विरोध में हैं। UGC के नए नियम बनाने वाले ब्राह्मण समाज के IAS अधिकारी विनीत जोशी का ब्राह्मण तो विरोध कर ही रहे हैं। वहीं UGC का सबसे ज्यादा विरोध उत्तर प्रदेश में देखने को मिल रहा है। मजेदार बात यह है कि ब्राह्मण समाज से आने वाले UGC के चेयरमैन विनीत जोशी उत्तर प्रदेश के ही रहने वाले हैं। उत्तर प्रदेश वाले अपने ही प्रदेश के अधिकारी के द्वारा बनाए गए नियमों के विरूद्ध हैं। IAS officer Vineet Joshi