
Umesh Pal Murder Case: प्रयागराज / लखनऊ (चेतना मंच)। उत्तर प्रदेश के विधायक राजू पाल हत्याकांड के प्रमुख गवाह उमेश पाल के चर्चित हत्याकांड के मामले में यूपी पुलिस की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह उठने लगे हैं। आरोप है कि यूपी पुलिस बुलडोजर के पीछे छिपने की कोशिश कर रही है। अनेक ठोस सबूत होने के बावजूद पुलिस इस मामले में 8 दिन बाद भी असली अपराधी को गिरफ्तार करने में नाकाम रही है।
सब जानते हैं कि 8 दिन पूर्व उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में बसपा के विधायक राजू पाल की हत्या के प्रमुख गवाह उमेश पाल की दिनदहाड़े गोलियों से छलनी करके हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में कुख्यात माफिया सरगना अतीक अहमद के बेटे समेत एक दर्जन अपराधियों पर आरोप लगे थे। 8 दिन बीत जाने के बाद भी उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्य आरोपी अतीक के बेटे तक नहीं पहुंच पाई है और न ही किसी बड़े माफिया को गिरफ्तार कर पाई है।
इस मामले में लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि अपने आप को तेजतर्रार बताने वाली यूपी पुलिस बुलडोजर चलाओ अभियान के पीछे छुप रही है। जगह-जगह बुलडोजर चलाए जा रहे हैं तथा इमारतें ध्वस्त की जा रही हैं। लेकिन असली सवाल यह है कि एक राजनेता की हत्या जैसे संगीन मामले में मुख्य गवाह उमेश पाल को पहले तो पुलिस सुरक्षा नहीं दे पाई। वहीं उसकी दिनदहाड़े निर्मम हत्या कर दी गई।
इस हत्याकांड के 8 दिन बाद भी पुलिस मामले के असली गुनहगार अतीक अहमद के बेटे व अन्य को पकड़ना तो दूर उन्हें छू तक नहीं पाई। शूटआउट में शामिल शूटर अरमान व गुलाम और गुड्डू मुस्लिम का अभी तक कुछ पता नहीं चला है। इस प्रकार के अनेक सवाल पूछ कर नागरिक उत्तर प्रदेश पुलिस को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं।