
UmeshPal murder case: प्रयागराज। राजू पाल हत्याकांड में मुख्य गवाह एडवोकेट उमेश पाल और सरकारी गनर हत्याकांड में अब सीबीआई की एंट्री हो चुकी है। सीबीआई ने स्पेशल क्राइम ब्रांच से मामले से जुड़ी पूरी रिपोर्ट मांगी है। पूर्व में अतीक के खिलाफ दर्ज 2 मुकदमों की जांच रिपोर्ट सीबीआई ने लखनऊ स्पेशल क्राइम से मांगी है। लखनऊ क्राइम ब्रांच ने अतीक पर 2 केस दर्ज किए थे।
वहीं हत्याकांड में शूटर की पहचान कर ली गई है। हत्याकांड में गिरफ्तार सदाकत खान की तस्वीर अतीक अहमद के बेटे अली अहमद के साथ सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। पुलिस हत्याकांड में शामिल बदमाशों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
आपको बता दें कि उमेश पाल हत्याकांड की पूरी साजिश इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हॉस्टल में रची गई थी। पुलिस ने यह खुलासा साजिशकर्ता सदाकत के गिरफ्तारी के बाद किया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी मोहम्मद गुलाम ने माफिया से संपर्क करके शूटर बुलाए थे। एक शूटर की पहचान की गई है जिसका नाम साबिर बताया जा रहा है जो अतीक का खास गुर्गा है।
मोहम्मद गुलाम माफिया अतीक के बेटे का बहुत करीबी है। पुलिस ने ईटन बिरयानी दुकान के संचालक व गुलाम की पत्नी और भाई को भी हिरासत में लिया है। अभी तक इस मामले से जुड़े 3 दर्जन से अधिक लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
उमेश पाल हत्याकांड में पुलिस ने नफीस अहमद को हिरासत में ले लिया है। नफीस माफिया अतीक अहमद का बेहद करीबी है। ये 'Eat On Biryani' नाम से बिरयानी बेचता है। आरोप है कि हत्यारे जिस क्रेटा कार से गए थे वो नफीस की थी। नफीस अतीक का फाइनेंस भी है। इसके पहले सीएए-एनआरसी के विरोध में हुए प्रदर्शन में शामिल लोगों को नफीस नि:शुल्क बिरयानी भेजना था। साथ ही उनकी आर्थिक मदद भी करता था। वहीं बताया जा रहा है कि नफीस ने यह कार एक महिला को कुछ दिनों पहले बेच दी थी।
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