पीडि़त का आरोप है कि समझौते के बावजूद बिल्डर ने उसे 54 लाख रुपए के तीन चेक दिए जो बाद में बाउंस हो गए। न्यायालय के निर्देश पर थाना सेक्टर-126 में मुकदमा दर्ज किया गया है।

फ्लैट देने के नाम पर बिल्डिंग मटेरियल सप्लायर के साथ फर्जीवाड़ा करने के आरोप में बिल्डर सहित 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। पीडि़त का आरोप है कि समझौते के बावजूद बिल्डर ने उसे 54 लाख रुपए के तीन चेक दिए जो बाद में बाउंस हो गए। न्यायालय के निर्देश पर थाना सेक्टर-126 में मुकदमा दर्ज किया गया है।
ग्राम बख्तावरपुर में ओम ट्रेडर्स के नाम से फर्म चलने वाले विजेंद्र ने न्यायालय में शिकायती पत्र दिया था। शिकायती पत्र में उन्होंने बताया कि उक्त फर्म का कार्य बिल्डर साइट पर कोरसेंट, रोड़ी आदि मैटेरियल सप्लाई करने का है। उसने वर्ष 2017 में उन्नति फॉर्चून होल्डिंग के सेक्टर-119 नोएडा में बन रहे प्रोजेक्ट दी Aranya में रोड़ी आदि मैटेरियल सप्लाई किया था। मैटेरियल सप्लाई के 5497617 रुपए बिल्डर पर हो गए थे। उसने जब बिल्डर से अपने पैसों को तकाजा किया तो बिल्डर व उसके कर्मचारी उसे टरकाते रहे। पीडि़त विजेंद्र के मुताबिक वह और उसकी पत्नी सेक्टर-67 स्थित उन्नति फॉर्चून होल्डिंग बिल्डर के ऑफिस पहुंचे यहां पर ग्रुप के सीएमडी अनिल मिठास, डायरेक्टर शशांक पाठक, राजेश कुमार पाठक, हिमांशु पाठक, शैलेंद्र प्रताप शर्मा, अंकित पाठक, रेखा रानी आदि मिले। उन्होंने जब अपने भुगतान की मांग की तो प्रोजेक्ट के सीएमडी अनिल मिठास ने कहा कि प्रोजेक्ट में अभी कुछ परेशानी चल रही है और पैसों का इंतजाम नहीं हो पा रहा है। वह पैसों के बदले उन्हें फ्लैट दे सकते हैं।
अनिल मिठास की बातों पर विश्वास कर वह फ्लैट लेने के लिए तैयार हो गए इसके बाद उन्हें एक फ्लैट का अलॉटमेंट लेटर जारी किया गया। इसके बाद वह और उनकी पत्नी फ्लैट में रहने लगे। कुछ समय बाद उन्हें एक नोटिस मिला जिससे उन्हें पता चला कि उक्त बिल्डर द्वारा फ्लैट को पहले किसी रचना जैन नामक महिला को बेचा जा चुका है। इस बात की जानकारी मिलने पर वह बिल्डर के ऑफिस पहुंचे और इस बारे में बात की तो बिल्डर व उसके कर्मचारी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए। इसके बाद उन्होंने जब अपने पैसे वापस मांगे तो उनके तथा उनकी पत्नी के साथ अभद्र व्यवहार व गाली गलौज की गई। इसके बाद उन्होंने बिल्डर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की। कानूनी कार्रवाई होने पर बिल्डर पर बीएसबी फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा उनकी पत्नी से समझौता किया गया। समझौते के तहत उन्हें 18-18 लाख रुपए के तीन चेक दिए गए। उन्होंने जब चेक बैंक में लगाए तो वह बाउंस हो गए। जब वह इस संबंध में बात करने गए तो बिल्डर व उनके साथियों द्वारा उनके व उनकी पत्नी के साथ गाली गलौज कर मारपीट की गई।
उन्होंने इस संबंध में थाना सेक्टर-126 में शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया। न्यायालय ने सुनवाई के पश्चात उन्नति फॉर्चून होल्डिंग लिमिटेड के सीएमडी अनिल मिठास, डायरेक्टर शशांक पाठक , राजेश कुमार पाठक, हिमांशु पाठक, शैलेंद्र प्रताप शर्मा, अमित पाठक, रेखा रानी, संदीप कुमार त्यागी, रामेश्वर दयाल त्यागी, संजय लाल डलवन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने के निर्देश दिए हैं।