UP Crime News : बच्ची के साथ हैवानियत करने वाले की पहचान हुई, लेकिन गिरफ्तारी नहीं
UP Crime News
भारत
RP Raghuvanshi
29 Nov 2025 05:52 PM
UP Crime News : लखनऊ। अपराध मुक्त उत्तर प्रदेश का नारा पूरे राज्य के फिजाओं में गूंज रहा है। अपराधी थर-थर कांप रहे हैं, लेकिन हकीकत डराने वाला है। अभी हाल ही में राज्य के कन्नौज में मासूम बच्ची के साथ हुई हैवानियत ने मानवता को सन्न कर दिया है। बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या की कोशिश करने वाले की पहचान तो हो गई है, लेकिन पुलिस उसे पकड़ने मे हीलाहवाली कर रही है। आरोप है कि पुलिस इस मामले को दबाने की जुगत में लगी है। यही वजह है कि आज तक बच्ची की मेडिकल रिपोर्ट पर पर्दा पड़ा हुआ है।
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इस जघन्य वारदात पर बच्ची का इलाज कर रहे डॉक्टर भी हैरान हैं। उनका कहना है कि बच्ची के निजी अंग बुरी तरह जख्मी है। सिर में इतने टांके लगाए हैं कि उनकी गिनती करना मुश्किल है। गौरतलब है कि कन्नौज के गुरसहायगंज में रहने वाले बतासा बनाने वाले की 12 साल की बेटी 23 अक्टूबर को गुल्लक लेने निकली थी, लेकिन लौटकर नहीं आई। तलाश करने पर पता चला कि गुरसहायगंज कोतवाली से लगभग 200 मीटर दूर पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस के पीछे झाड़ियों में खून से लथपथ एक बच्ची मिली थी। उसे अगवा करके रेप की कोशिश की गई और फिर पहचान उजागर होने के डर से आरोपी ने हत्या के इरादे से बच्ची के सिर पर ईंट से हमला किया। पांच दिन से बच्ची कानपुर के रीजेंसी अस्पताल में मौत से संघर्ष कर रही है। इस मामले में गुरसहायगंज कोतवाली में रेप के प्रयास, पॉक्सो और हत्या की कोशिश में रिपोर्ट दर्ज की गई है। सीसीटीवी फुटेज से आरोपी की पहचान भी कर ली गई है, लेकिन 5 दिन बाद भी पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
अस्पताल के प्रवक्ता ने कहा कि वह मामले में कोई भी बयान जारी नहीं कर सकते हैं। अफसरों ने मीडिया को रिपोर्ट देने पर रोक लगाई है। वह सीएमओ से इस संबंध में जानकारी ले सकते हैं। लेकिन, दबी जुबान से यह भी बता दिया कि बच्ची के प्राइवेट पार्ट में एसॉल्ट है। उसके साथ हैवानियत का गंदा खेल हुआ है। बच्ची को कानपुर के हैलट सरकारी अस्पताल में बेहतर इलाज नहीं मिल सका। जान बचाने के लिए परिजन और अफसरों को मजबूरी में रीजेंसी हॉस्पिटल में भर्ती कराना पड़ा। इलाज के लिए पुलिस से लेकर इलाके के लोगों ने 6 लाख रुपये चंदे से जुटाए।
बच्ची की मां ने कन्नौज एसपी से लेकर प्रदेश की पुलिस व्यवस्था पर ही सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि वह मुस्लिम परिवार से है, आरोपी हिन्दू है। अगर किसी हिन्दू परिवार की बच्ची के साथ यह कृत्य हुआ होता तो अब तक आरोपियों के घर बुलडोजर चल जाता। इस बयान के बाद से पुलिस ने परिजनों को मीडिया के सामने कुछ भी कहने से रोक दिया है। बच्ची के माता-पिता ने बताया कि उनकी हैसियत नहीं है कि वह रीजेंसी जैसे बड़े अस्पताल में इलाज करा सकें, लेकिन चंदे से छह लाख रुपये मिले हैं। इतना गंभीर मामला होने के बाद भी मामले में कन्नौज एसपी और कानपुर में बैठने वाले आईजी प्रशांत कुमार व एडीजी भानु भास्कर बच्ची को देखने हॉस्पिटल नहीं पहुंचे।