UP Election 2022: मथुरा की मांट सीट पर बने हैं नए समीकरण, सपा भारी
भारत
चेतना मंच
03 Feb 2022 06:55 PM
Mathura: मथुरा/मांट। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की प्रमुख विधानसभा सीटों में गिनी जाने वाली मांट विधानसभा सीट पर इस बार समाजवादी पार्टी भारी पड़ती हुई नजर आ रही है। पिछले 9 विधानसभा चुनावों में एक बार को छोडक़र पंडित श्याम सुंदर शर्मा यहां से हमेशा चुनाव जीतते रहे हैं। इस बार समाजवादी पार्टी के नेता डा. संजय लाठर श्री शर्मा को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। विश्लेषकों का दावा है कि इस बार संजय लाठर मांट में नया इतिहास बना सकते हैं। मथुरा जिले के जाट बाहुल्य विधानसभा क्षेत्र मांट से श्याम सुंदर शर्मा आठ बार विधायक बने हैं। उन्होंने कभी बसपा तो कभी तृणमूल कांग्रेस, निर्दलीय और कांग्रेस के बैनर तले विधायकी की है। इस बार वह फिर से बसपा के उम्मीदवार हैं। भाजपा, सपा व कांग्रेस इस बार श्याम सुंदर शर्मा की घेराबंदी कर रही है।
भाजपा ने अपने पुराने चेहरे एसके शर्मा को बदलते हुए नए उम्मीदवार राजेश चौधरी पर दांव खेला है। सपा-रालोद गठबंधन ने योगेश नौहवार की जगह संजय लाठर को प्रत्याशी बनाया है। कांग्रेस से भी जाट उम्मीदवार सुमन चौधरी मैदान में उतरीं हैं। अब इन सभी दलों की कोशिश बसपा के विजय अभियान को रोकने की है।वहीं बसपा उम्मीदवार की कोशिश ब्राह्मण, दलित, मुस्लिम और अन्य पिछड़े वर्ग के सहारे अपनी विजयी पताका को नौवीं बार फहराने की है। मांट क्षेत्र को विकास की तस्वीर दिखा रहे राजेश चौधरी के सहारे भाजपा की कोशिश जाटों के साथ ठाकुर, ब्राह्मण और अन्य पिछड़े वर्ग के गठजोड़ से यहां कमल खिलाने की है।
जाट बाहुल्य क्षेत्र
मांट विधानसभा जाट बाहुल्य है। यहां एक लाख से अधिक जाट मतदाता बताए जाते हैं। इसके बाद यहां करीब 55 हजार ब्राह्मण मतदाताओं की मौजूदगी है। दलितों की संख्या 42 हजार तो ठाकुरों की छत्तीसी में उनकी मतदाता के रूप में मौजूदगी करीब 38 हजार है। मुस्लिम 22 हजार, 20 हजार वैश्य और गुर्जर, बघेल और निषाद 12-12 हजार हैं। श्याम सुंदर शर्मा इन सभी जातियों में अपनी पकड़ रखते हैं, लेकिन उनकी इसी पकड़ को कमजोर करने के लिए राजेश चौधरी और संजय लाठर राजनीतिक गोटियां बिछा रहे हैं। कांग्रेस भी कवायद में जुटी है।
पिछला विधानसभा चुनाव
2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने एसके शर्मा को चुनाव मैदान में उतारा था तो रालोद से योगेश नौहवार और बसपा से श्याम सुंदर शर्मा चुनाव लड़े थे। जीत भले ही श्याम सुंदर शर्मा की हुई थी, लेकिन रालोद के योगेश नौहवार से महज 432 मतों से हारे थे।
क्षेत्र का जातीय समीकरण
इस सीट पर जाट बाहुल्यता के साथ ब्राह्मण, ठाकुर, मुस्लिम, जाटव, निषाद, बघेल, वैश्य और गुर्जर व अन्य जातियों के वोट हैं। मुस्लिम, जाटव, बघेल, निषाद निर्णायक भूमिका में रहते हैं। पहचान: यहां नौहझील में झाड़ी वाले हनुमान बाबा, कृष्णलीला स्थली भांडीर वन और राधारानी का मानसरोवर स्थित मंदिर। यहां के मतदाताओं की संख्या की बात करें तो इस सीट पर कुल 343728 मतदाता हैं। इनमें 183335 पुरुष मतदाता तथा 160353 महिला मतदाता हैं एवं अन्य 18 मतदाता हैं।
क्षेत्र की चुनावी स्थिति पर बारीक नजर रखने वाले विश्लेषकों का मत है कि किसान आंदोलन, क्षेत्र में राष्ट्रीय आंदोलन के मुखिया जयंत चौधरी की सक्रियता तथा सपा व रालोद के गठबंधन ने इस विधानसभा सीट की तस्वीर बदल दी है। इस बार के चुनाव में सपा प्रत्याशी डा. संजय लाठर बेहद मजबूती से चुनाव लड़ रहे हैं। विश्लेषक मान रहे हैं कि यदि मतदान के दिन तक कोई अनहोनी न हुई तो इस बार के चुनाव में श्री लाठर यहां नया इतिहास बना देंगे।