
UP elections 2022 : सहारनपुर का गांधी मैदान (Gandhi Park) आजादी से लेकर अब तक कई ऐतिहासिक क्षणों (UP elections 2022) का साक्षी रहा है। आजादी से पहले इस मैदान में आजादी के मतवालों के बड़े-बड़े जलसे होते थे। तो आजादी के बाद चुनावी जनसभाओं से नए-नए इतिहास की इबारत लिखी गई। पंडित जवाहर लाल नेहरू हो या फिर मोरारजी देसाई या फिर अटल बिहारी वाजपेयी ने यहां पर जनता को संबोधित किया है। कई ऐसी रैलियां रही हैं जो इतिहास बदल गई। इस विधानसभा चुनाव में सहारनपुर का यह ऐतिहासिक मैदान पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए है।
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UP elections 2022[/caption]
गांधी मैदान सहारनपुर शहर के बीचोबीच स्थित है। 100 साल से भी अधिक का इतिहास समेटे यह मैदान कई मायनों में अहम रहा है। इस बार भले ही चुनावी समर में मैदान की खामोशी नहीं टूट रही हो। लेकिन, पहले ऐसा नहीं था। आजादी से पहले जब देश में नमक आंदोलन हुआ था तो गांधी पार्क में भी एक जलसा हुआ था। जिसके बाद आंदोलनकारियों ने नमक बनाकर कानून को तोड़ा था। आजादी के बाद वर्ष 1952 में पहली बार प्रदेश में विधानसभा के चुनाव हुए। उस समय तत्कालीन पीएम पंडित जवाहरलाल नेहरू ने गांधी पार्क में जनसभा की थी। उस समय सहारनपुर की यह पहली बड़ी चुनावी जनसभा थी। इसके बाद समय के साथ साथ नेताओं का गांधी पार्क से नाता रहा है।
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सहारनपुर के पूर्व विधायक लाजकृष्ण गांधी बताते हैं कि वर्ष 1977 में जब जनता पार्टी अपना जनाधार बढ़ा रही थी। उस समय मोरारजी देसाई ने सहारनपुर में एक जनसभा की थी। उस समय डॉ. पन्ना लाल जनसभा के संयोजक थे। वहीं पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने भी गांधी पार्क में कई एतिहासिक रैलियां की थी।
यहां जनसभा करके मायावती बनी थी सीएम वर्ष 2007 में उत्तर प्रदेश में बसपा की लहर चल रही थी। उस समय मायावती ने इसी मैदान से जनसभा को संबोधित किया था और वह पूर्ण बहुमत के साथ मुख्यमंत्री बनी थी। खास बात यह रही थी कि इसी मैदान से हुए आह्वान के बाद बसपा ने सहारनपुर जनपद की सात विधानसभा सीटों में से पांच सीटों पर अपना कब्जा किया था।
पूर्व पीएम अटल बिहारी ने भी थी जनसभा
पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी का भी सहारनपुर के गांधी मैदान से बड़ा गहरा नाता रहा है। पूर्व विधायक लाजकृष्ण बताते हैं कि वर्ष 1993 में जब देश में लोकसभा के चुनाव हुए तो अटल बिहारी वाजपेयी ने गांधी मैदान में जनसभा की थी। उस समय सहारनपुर में बड़ा वीआईपी चुनाव था। भाजपा से नकली सिंह तो बसपा से काशीराम चुनावी मैदान में थे। अटलबिहारी वाजपेयी ने नकली सिंह के समर्थन में जनसभा की थी। उस समय उन्होंने मंच से कहा था कि इनका नाम ही नकली है, आदमी यह असली है। यह किस्सा इतना मशहूर हुआ था कि नकली सिंह जीत दर्ज कर सांसद बन गए थे।