
UP Elections 2022 : उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों (UP Elections 2022) के प्रथम चरण का मतदान संपन्न होने के बाद अब 14 फरवरी को दूसरे चरण का मतदान होना है। यूपी के जिन जनपदों में दूसरे चरण का मतदान होना है, उन जनपदों में मुस्लिम और दलित मतदाताओं की संख्या अच्छी खासी है। जिससे सपा और बसपा को फायदा मिल सकता है।
वेस्ट यूपी के सहारनपुर, बिजनौर, अमरोहा, संभल, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली समेत 55 सीटों पर मतदान होगा। इन सीटों पर मुस्लिम और दलित आबादी को देखते हुए पहले चरण की तुलना में सभी पार्टियों के लिए यह चुनाव ज्यादा चुनौतीपूर्ण है। 25 से ज्यादा विधानसभा सीटों पर मुस्लिम वोटर निर्णायक भूमिका निभाते हैं, जबकि 20 सीटों पर दलित वोटरों की संख्या 20 फीसदी से ज्यादा है।
>> UP Election 2022: विधानसभा चुनाव के पहले चरण में इन दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर
आपको बता दें कि 2017 के विधानसभा चुनाव में वेस्ट यूपी के 9 जिलों की 55 सीटों में से 11 मुस्लिम उम्मीदवारों ने समाजवादी पार्टी से चुनाव जीता था। जिसमें मुरादाबाद जिले की छह में से चार सीटों पर सपा के मुस्लिम उम्मीदवार ने जीत हासिल की थी। मोदी लहर के बावजूद दूसरे चरण की इन सीटों पर सपा ने 27 सीटों पर जीत हासिल की। जबकि भाजपा को 13 और बसपा ने 11 सीटों पर जीत हासिल की थी। 2012 के विधानसभा चुनाव में भी सपा ने 27 सीटें जीती थीं, जबकि भाजपा को सिर्फ 8 सीटें मिली थीं।
दूसरे चरण में शामिल विधानसभा सीटों में मुस्लिम और दलित वोटरों के चलते सपा और बसपा की पकड़ मजबूत रही है। 2019 के लोकसभा चुनाव में जब सपा ने बसपा और रालोद के साथ गठबंधन किया था। इसके बाद बसपा ने 11 में से अमरोहा, बिजनौर, नगीना और सहारनपुर पर जीत हासिल की थी, जबकि सपा ने रामपुर, मुरादाबाद और संभल में जीत हासिल की थी। इन सात जिलों में 35 सीटें जीतने में दलित और मुस्लिम आबादी को अहम कारक माना जा रहा है। वहीं जाट और पिछड़े वोटरों की संख्या भी काफी है। बदायूं यादव बहुल जिला माना जाता है, जिसके कारण इसे सपा का गढ़ माना जाता है।