UP Elections 2022 : तीन राज्यों उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा से सटे सहारनपुर में (UP Elections 2022) सियासी पारा अपने चरम पर पहुंच गया है। ध्रुवीकरण के बीच चुनावी मुद्दे गायब हो चुके हैं। लिहाजा सभी दलों ने अपने अपने हिसाब से माहौल बनाना शुरू कर दिया है। यहां मतदान 14 फरवरी को होगा।
सहारनपुर शहर सीट पर इस बार मुकाबला काफी दिलचस्प होने की उम्मीद है। सपा लोकदल गठबंधन से सपा विधायक संजय गर्ग फिर से मैदान में हैं। वहीं दूसरी ओर भाजपा ने पूर्व विधायक राजीव गुंबर को मैदान में उतारा है, जबकि बसपा से मनीष अरोड़ा ताल ठोक रहे है। कांग्रेस ने पूर्व पार्षद सुखविंदर कौर पर भरोसा जताया है। आम आदमी पार्टी ने उस्मान मालिक को मैदान में उतारा है।
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मुख्यमंत्री योगी की छवि परंपरागत वोट बैंक के साथ सवर्ण और पिछड़ों को साधने में जुटी भाजपा इस सीट के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाए हुए है। 2007 और 2012 में पूर्व सांसद राघव लखनपाल शर्मा ने इस सीट पर भगवा झंडा फहराया था। 2014 के लोकसभा चुनाव में उनके सांसद बन जाने के बाद यहां से राजीव गुंबर विधायक बने थे। लेकिन 2017 में मोदी की लहर के वावजूद यहां से समाजवादी पार्टी जितने में सफल हो गई थी। इस बार भी भाजपा और सपा के बीच कांटे की टक्कर होने की उम्मीद है।
इस सीट पर चुनावी मुकाबला कैसा होगा, इसकी एक झलक 2017 के चुनाव से मिल जाती है। 2017 में यहां भाजपा और सपा के बीच कांटे का मुकाबला हुआ था। तब सपा ने 4636 मतों के अंतर से जीत दर्ज की थी। संजय गर्ग की कुल मतों में हिस्सेदारी लगभग 47 फीसदी रही थी जबकि बीजेपी की 45 फीसदी। बसपा केवल 6 फीसदी पर ही अटक गई थी। सबसे खराब स्थिति राष्ट्रीय लोकदल की रही थी। लोकदल 1000 वोटों के आंकड़े को भी नहीं छू का था। क्या कहते हैं पिछले आंकड़े सहारनपुर सदर सीट पर सबसे ज्यादा तादाद मुस्लिम की 1.55 लाख है। पंजाबी और सिख 85 हजार हैं। वैश्य 60 हजार, एससी एसटी 30 हजार, ब्राह्मण 25 हजार, सैनी 18 हजार हैं। इसके अलावा अन्य मतदाताओं की संख्या करीब 28 हजार है। पिछले चुनाव में संजय गर्ग को 1,27,210 वोट मिले थे जबकि भाजपा के राजीव गुंबर को 1,22,574 वोट मिले थे। बसपा के मुकेश दीक्षित को 17350 वोट मिले थे। लोकदल के उम्मीदवार भूरा मालिक को केवल 934 वोट ही मिल पाए थे।