
UP Nagar Nikay Chunav: नोएडा/लखनऊ। कल (11 मई) को उत्तर प्रदेश के 762 नागरीय निकायों के लिए मतदान होगा। जिसमें 17 नगर निगम, 200 नगर पालिका परिषद तथा 545 नगर पंचायत शामिल हैं। धुंआधार प्रचार थमने के बाद अब जहां मतदाता विचार मंथन में लगे हैं, वहीं प्रत्याशी मतदाता को अपने पक्ष में करने के चक्रव्यूह रचने में जुटे हैं।
इस चुनाव में जहां समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, कांग्रेस तथा भारतीय जनता पार्टी के दिग्गजों ने प्रचार के दौरान बड़े-बड़े दावे व वायदे किए हैं। वहीं भाषा के मर्यादा की धज्जियां उड़ाने में कोई किसी से पीछे नहीं रहा। अक्सर यह माना जाता है कि उप चुनाव या निकाय चुनाव के अधिकांश परिणाम सत्तादल के पाले में ही जाते हैं, लेकिन इस बार विपक्षी दलों के चुनावी प्रचार के प्रयास भी अपेक्षित नजर नहीं आये।
राजनीति के चाणक्यों व विश्लेषकों की मानें तो इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी की सक्रियता नगण्य नजर आयी। उनकी पार्टी के अधिकांश दिग्गज नेता कर्नाटक के चुनावी दंगल तक ही सीमित रहे। उ.प्र. में न तो उनके बड़े नेताओं के रोड शो नजर आए और न ही किसी नेता का कोई आक्रामक चुनावी प्रचार नजर आया। रही बात बहुजन समाज पार्टी की। उनकी मुखिया न तो स्वयं चुनावी प्रचार में उतरी और न ही उनके शीर्ष नेता इस चुनाव में कोई आक्रामक चुनावी रैली करते नजर आए। बसपा सुप्रीमो तथा अन्य नेताओं का प्रचार सिर्फ मीडिया में बयानबाजी तक ही सीमित रहा।
कई राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि प्रदेश के सबसे बड़े विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद स्थानों पर तो सक्रिय दिखे, अधिकांश स्थानों पर उनका भी चुनावी प्रचार भाजपा के आगे बौना ही नजर आया। सपा के साथ उनके गठबंधन घटक दल रालोद के साथ चुनाव के पूर्व मतभेद किसी से छिपे नहीं हैं। ऐसे में सपा-रालोद से जिस आक्रामक व तूफानी प्रचार की अपेक्षा थी वह धरातल पर मतदाताओं को दिखी नहीं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रदेश की सत्तारूढ पार्टी भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष से लेकर स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस चुनाव में पूरी ताकत झोंक दी। पार्टी के अधिकांश मंत्री तथा बड़े नेता हर जिले में लगातार सक्रिय रहे। सर्वाधिक रैली, रोड शो व तूफानी प्रचार प्रसार में भी भाजपा अन्य के मुकाबले ज्यादा सक्रिय नजर आयी। भाजपा नेता विकास कार्यों तथा अपनी भावी योजनाओं के बूते लगातार मतदाताओं के बीच रहे।
प्रदेश की राजनीति को करीब से जानने वाले पंडितों का स्पष्ट कहना है कि समूचे प्रदेश के निकाय चुनावों में कमल ही फिलहाल खिलता नजर आ रहा है। कुछ विश्लेषकों का तो यहां तक दावा है कि इस निकाय चुनाव के परिणाम शत-प्रतिशत भाजपा के पक्ष में आ जाएं तो इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है। वहीं कई विश्लेषक चुनाव को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अग्निपरीक्षा मान रहे हैं तथा उनका दावा है कि इस अग्नि परीक्षा में योगी ही विजेता के रूप में फिर उभरेंगे। UP Nagar Nikay Chunav