Up News: राज्य कर्मचारियों व पेंशनर्स को कैशलेस चिकित्सा सुविधा
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 08:25 PM
Lucknow: लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath)ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य कर्मचारियों के हितों के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। प्रदेश सरकार द्वारा ई-पेंशन पोर्टल की व्यवस्था लागू की गयी है। वर्षों से राज्य कर्मचारियों की पैसे के अभाव में उपचार न हो पाने की समस्या के समाधान की मांग थी। राज्य कर्मचारियों एवं पेंशनर्स को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि पं0 दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारम्भ किया गया है। इससे राज्य के 22 लाख कर्मचारी और पेंशनर्स तथा इनके आश्रितों को मिलाकर कुल 75 लाख से अधिक लोगों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी।
मुख्यमंत्री यहां लोक भवन में पं0 दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना के शुभारम्भ कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने योजना के 10 लाभार्थियों को प्रतीकात्मक स्टेट हेल्थ कार्ड प्रदान किया। कार्यक्रम के दौरान पं0 दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गयी। उन्होंने निर्देश दिये कि योजना को लागू करने के लिए ऐसा मैकेनिज्म बनाया जाए, जिससे राज्य कर्मचारी और पेंशनर्स अपना स्टेट हेल्थ कार्ड स्वयं डाउनलोड कर सकें और आवश्यकता पडऩे पर सरकारी अथवा इम्पैनल्ड अस्पतालों में कैशलेस चिकित्सा का लाभ प्राप्त कर सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुरूप एस0ई0सी0सी0 डाटा के आधार पर 'प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना' 'आयुष्मान भारत के तहत गरीब परिवारों को 05 लाख रुपये तक का चिकित्सा बीमा कवर उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदेश के अन्त्योदय परिवारों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना में 05 लाख रुपये का चिकित्सा बीमा कवर उपलब्ध कराया गया है। उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के पंजीकृत श्रमिकों को भी 05 लाख रुपये का चिकित्सा बीमा कवर उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने पिछले कार्यकाल में ही सम्बन्धित विभाग को राज्य कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिये थे। पं0 दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना के माध्यम से राज्य कर्मचारियों, पेंशनर्स तथा उनके आश्रितों को सरकारी चिकित्सा संस्थानों, मेडिकल कॉलेजों एवं सरकारी चिकित्सालयों में बिना किसी वित्तीय सीमा के कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलेगी।