UP News : आयुष घोटाले में सीबीआई ने पहले एसटीएफ ने ढूंढ निकाले 22 दोषी!
CBI first STF found 22 culprits in Ayush scam!
भारत
चेतना मंच
14 Nov 2022 09:26 PM
Lucknow : लखनऊ। आयुष के नीट घोटाले के बाबत हालांकि सीएम योगी आदित्यनाथ ने सीबीआई जांच की सिफारिश की है। लेकिन, उससे पहले यूपी एसटीएफ ने जिस तरह से शुरुआती जांच को अंजाम दिया, वह काबिले तारीफ है। एसटीएफ ने अपनी जांच में आयुष निदेशालय और काउंसलिंग करने के लिए अधिकृत एजेन्सी अपट्रॉन व वी-थ्री सॉफ्ट सॉल्यूशन के 22 अधिकारी व कर्मचारियों को दोषी पाया है। इनके खिलाफ साक्ष्य भी मिल गए हैं। नीट की मूल मेरिट और काउंसलिंग में इस्तेमाल डॉटा बेमेल पाया गया था। डाटा में किस तरह हेरफेर किया गया और वास्तविक अभ्यर्थियों को आउट कर दिया गया, इस बारे में भी कई तथ्य हाथ लगे हैं।
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गौरतलब है कि एसटीएफ ने इस मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद सबसे पहले निदेशालय के डायरेक्टर डॉ. एसएन सिंह से पूछताछ की थी। उनसे तीन दिन तक लगातार सवाल जवाब किए गए थे। इस बीच, एसएन सिंह को निलंबित कर दिया गया। एसएन सिंह से कई तथ्य हाथ लगने के बाद एसटीएफ ने डॉटा खंगालने शुरू किये तो तफ्तीश उलझती गई। इस पर आईटी विशेषज्ञों को बुलाकर डॉटा का मिलान कराया गया। एसटीएफ की दो टीमें चार दिन तक इसे लेकर मंथन करती रहीं। इससे कई सुबूत हाथ लगे। नीट मेरिट का डाटा जिम्मेदार अफसरों की मौजूदगी में बाहरी लोगों को भेजा जाता रहा और सब चुप रहे।
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काउंसलिंग के लिए बने बोर्ड के सदस्य भी लापरवाह बने रहे। इन तथ्यों के आधार पर ही पड़ताल बढ़ती रही। काउंसलिंग में शामिल आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथ विशेषज्ञ भी थे, लेकिन ये सब बाहरी एजेन्सी के मोहरे की तरह काम करते रहे। इन बिन्दुओं पर लम्बी पड़ताल हुई और डॉटा से कई जानकारी मिलने पर गड़बड़ियों के उद्गम का पता चलता गया।