UP News : हिरासत में मौत पर फंसी पुलिस, पीएम रिपोर्ट में हुई मारपीट की पुष्टि हुई
Police implicated in death in custody, PM report confirms assault
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 05:25 PM
कानपुर। पुलिस हिरासत में जान गंवाने वाले व्यापारी बलवंत सिंह के पोस्टमार्टम से पता चला है कि उन्हें बुरी तरह से प्रताड़ित किया गया था। नाम न छापने की शर्त पर पैनल से जुड़े एक डॉक्टर ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पुष्टि हुई कि बलवंत सिंह (27) को सीने, चेहरे, जांघ, पैर, हाथ और तलवे सहित सिर से पैर तक लगभग दो दर्जन गंभीर चोटें आयी थीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट पुलिस के उस बयान का खंडन करती है, जिसमें कहा गया था कि सिंह ने सीने में दर्द की शिकायत की थी और उनकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई थी।
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पुलिस अधीक्षक (कानपुर देहात) सुनीति ने बताया कि हिरासत में मौत के मामले की जांच के लिए शिवली के थाना प्रभारी, थाना प्रभारी रानिया, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के प्रमुख, पुलिस चौकी के प्रभारी और एक कांस्टेबल के अलावा जिला अस्पताल के एक ड्यूटी डॉक्टर के खिलाफ विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित की गई है। कानपुर देहात जिले में पुलिस हिरासत में एक युवक की मौत की जांच के लिए बुधवार को दो पुलिस उपाधीक्षकों और दो इंस्पेक्टरों की विशेष जांच टीम का गठन किया गया है।
अपर पुलिस अधीक्षक (कानपुर देहात) घनश्याम ने बताया कि तीन डॉक्टरों के एक पैनल द्वारा किए गए पोस्टमार्टम में चोटों के कारण हुई मौत की पुष्टि हुई है। उन्होंने बताया कि एसआईटी में पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर और रसूलाबाद, सुभाष कुमार और आशापाल सिंह और दो इंस्पेक्टर, अशोक कुमार और शैलेंद्र मिश्रा शामिल हैं। उनके अनुसार शिवली के थाना प्रभारी (एसएचओ) राजेश सिंह,रानिया थाना प्रभारी शिव प्रकाश सिंह, एसओजी प्रमुख रहे उप निरीक्षक प्रशांत गौतम, दो उप निरीक्षक ज्ञान प्रकाश पांडेय एवं संपत सिंह सिंह सहित इस मामले में शामिल पुलिसकर्मियों की जल्द गिरफ्तारी करने में एसआईटी की सहायता के लिए छह और पुलिस टीमों का गठन किया गया है। जिला मजिस्ट्रेट ने बलवंत सिंह की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के भी आदेश दिए हैं।
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बलवंत सिंह के परिवार के सदस्य अंगद सिंह ने जिला अस्पताल में पांच पुलिसकर्मियों एवं एक ड्यूटी डॉक्टर के खिलाफ रानियां थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी है। प्राथमिकी में कहा गया है कि बलवंत अपने चचेरे भाई गुड्डू के साथ घर जा रहा था, तब कुछ पुलिसकर्मियों ने बलवंत को रोका और उसे जबरदस्ती अपने वाहन में बिठा लिया। प्राथमिकी ने एसपी के उन दावों को खारिज कर दिया कि बलवंत सोमवार को लूट की घटना के संबंध में अपना बयान दर्ज कराने के लिए खुद पुलिस स्टेशन गया था।
इससे पहले कानपुर देहात की पुलिस अधीक्षक (एसपी) सुनीति ने बताया था कि बाइक सवार अपराधियों ने छह दिसंबर को सरैया लालपुर गांव निवासी जौहरी चंद्रभान सिंह सेंगर की आंखों में मिर्च पाउडर डालकर सोने के गहने और नकद लूट लिये थे। मामले की तफ्तीश कर रही शिवली पुलिस और एसओजी ने छानबीन करते हुए तीन लोगों अविनाश कुशवाहा, सूरज और शिवा उर्फ कल्लू को गिरफ्तार किया जिन्होंने पूछताछ के दौरान बलवंत का नाम लिया था।
एसपी ने दावा किया था कि सूचना मिलने पर बलवंत सिंह सोमवार को बयान दर्ज कराने के लिए खुद थाने पहुंचा और पूछताछ के दौरान उसने सीने में दर्द की शिकायत की तो उसे अस्पताल ले जाया गया जहां मंगलवार तड़के उपचार के दौरान उसका निधन हो गया था।