
UP News : बेसिक शिक्षा विभाग की 69000 सहायक शिक्षा भर्ती मामले में चयन सूची को गलत मानते हुए दोबारा रिव्यू करने के लखनऊ हाईकोर्ट की सिंगल बेंच के आदेश के बाद मामला और उलझ गया है। इस भर्ती में चयनित आरक्षित वर्ग के 68000 अभ्यर्थियों की सूची खारिज करने के बाद इन अभ्यर्थियों ने लखनऊ में विरोध प्रदर्शन शूरू कर दिया। इधर, पिछड़ा दलित संयुक्त मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कश्यप एवं संरक्षक भास्कर सिंह यादव ने कहा है कि वह लखनऊ हाईकोर्ट के सिंगल बेंच के फैसले के विरुद्ध हाईकोर्ट की डबल बेंच में विशेष अपील जल्द दाखिल करेंगे।
आरक्षण पीड़ित अभ्यर्थियों ओबीसी और पिछड़ा वर्ग दोनों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र एवं ईमेल के माध्यम से बताया कि इस शिक्षक भर्ती मे 19000 सीटों पर आरक्षण की गड़बड़ी हुई है और तीन साल तक लड़ाई के बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिला है। इस भर्ती में ओबीसी को 27% की जगह 3.80 तथा एससी को 21% की जगह 16.2% आरक्षण दिया। इसे बेसिक शिक्षा नियमावली 1981 तथा आरक्षण नियमावली 1994 का उल्लंघन बताया गया है।
संयुक्त मोर्चा के प्रदेश मीडिया प्रभारी राजेश चौधरी का कहना है कि ओबीसी एवं एससी वर्ग के अभ्यर्थियों की ओवरलैपिंग गलत ढंग से करायी गई है। जिससे उन्हें पदों का नुकसान हुआ है। उन्होंने मांग की है कि उनके साथ न्याय किया जाये। इधर, कोर्ट के आदेश के बाद सरकार के रिव्यू में कुछ और बड़ा उलटफेर भी हो सकता है।