
UP News : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में फ्लैट में घुसकर बुजुर्ग महिला की हत्या किए जाने के मामले में पुलिस ने बीस दिन पहले नौकरी से हटाए गए ड्राइवर और उसके एक साथी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने हत्यारोपियों के कब्जे से लूटे गए जेवर भी बरामद किए हैं।
मामला शक्ति नगर इलाके में एफएम अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 404 का है। डीसीपी उत्तरी एसएम कासिम आब्दी के अनुसार, मामला शक्ति नगर इलाके में एफएम अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 404 का है। डीसीपी उत्तरी एसएम कासिम आब्दी के अनुसार, मृतका के ड्राइवर अयोध्या निवासी जितेंद्र ने अपने साथियों के साथ लूट के बाद हत्या की घटना को अंजाम दिया था। जिसे बीस दिन पहले ही कारोबारी ने हटाया था। पुलिस ने उसे साथी संतोष के साथ गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही लूट के जेवर भी बरामद कर लिए हैं। एक अन्य हत्यारोपी की तलाश की जा रही है। 60 वर्षीय मृतका नफीस फातिमा की हत्या के बाद लूट की वारदात रेकी कर अंजाम दी गई थी। बदमाशों के पास दंपत्ति के बारे में पूरी जानकारी थी। महज 23 मिनट के भीतर बदमाश वारदात अंजाम देकर फरार हो गए। सीसीटीवी फुटेज के जरिये इसकी पुष्टि हुई। अब तक की जांच में शक है कि दंपत्ति का कोई करीबी वारदात का मास्टर माइंड है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि दोपहर 1:22 बजे तीनों बदमाश मेनगेट से अपार्टमेंट परिसर में दाखिल हुए। सीधे चौथी मंजिल पर स्थित नफीस के फ्लैट नंबर 404 के बाहर पहुंचे। दरवाजा खुलवाया और भीतर घुस गए। दोपहर 1:45 बजे बदमाश परिसर से बाहर आए। मतलब 23 मिनट में घटना अंजाम दी। जिस तरह से वारदात की गई, उससे आशंका है कि बदमाशों के पास नफीस को लेकर पूरी जानकारी थी। पता था कि घर पर अकेली नफीस ही हैं। यही वजह कि उनके किसी नजदीकी के शामिल होने की आशंका है।
नफीस के पति वसीम वारदात के वक्त नमाज पढ़ने गए थे। उन्होंने बताया कि वह दोपहर में रोजाना नमाज पढ़ने जाते हैं। बदमाशों को ये भी जानकारी थी। इसलिए वह उसी दौरान वारदात को अंजाम दिया जब वसीम फ्लैट पर नहीं थे।
अपार्टमेंट में दो गार्ड ड्यूटी पर रहते हैं। एक दिन में और एक रात में। इस दौरान दिन की ड्यूटी में शाबान तैनात थे। उन्होंने बताया कि आमतौर पर जो भी अपार्टमेंट में आता है, उसका नाम, पता आदि दर्ज किया जाता है। चूंकि जिस तरह ये बदमाश भीतर गए, उस वक्त वह मोटर चलाने गया था। गेट पर जब वह नहीं था तब बदमाश भीतर घुसे। ये इत्तेफाक है या साजिश का हिस्सा। पुलिस इस पहलू की तफ्तीश कर रही है।
वसीम ने बताया कि अयोध्या निवासी जितेंद्र सिंह उनका ड्राइवर था। करीब बीस दिन पहले उसे नौकरी से निकाल दिया था। उससे कुछ कहासुनी हुई थी। वसीम ने ड्राइवर पर शक जाहिर किया। वहीं, ब्लड सैंपल लेने पहुंचे पैथालॉजी का एजेंट, सुरक्षाकर्मी रडार पर हैं। कुछ ऐसे भी लोग हैं, जिनका वसीम के घर आना जाना रहा है, वह भी शक के दायरे में हैं।
पुलिस सीसीटीवी कैमरों से बदमाशों के फरार होने का रूट पता कर रही है। डीसीपी ने बताया कि अब तक जितने फुटेज देखे गए हैं, उससे यही पता चला है कि बदमाश पैदल आए और पैदल ही फरार हुए। आगे के फुटेज देखे जा रहे हैं। ऐसा तो नहीं कि कहीं दूर कोई वाहन खड़ा किया हो। ये भी देखा जा रहा है कि इन तीनों के अलावा भी बदमाश शामिल हैं। UP News