UP News : यूपी सरकार का बड़ा फैसला, मदरसों में अब 80 फीसदी तक दी जाएगी मुख्यधारा की शिक्षा
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 05:42 AM
Lucknow: लखनऊ। यूपी के मदरसों में दीनी तालीम को सीमित कर अब हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान जैसे विषयों की पढ़ाई होगी। इतना ही नहीं, उत्तर प्रदेश सरकार के फैसले के मुताबिक अब सिर्फ टीईटी पास शिक्षक ही मदरसों में बच्चों को तालीम दे पाएंगे। सरकार का यह फैसला मदरसा मॉर्डनाइजेशन स्कीम के तहत आया है। इसी स्कीम के तहत से टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट पास शिक्षकों की ही बहाली होगी। मदरसों में शिक्षकों भर्ती की नियमावली में भी संशोधन किया जा सकता है। नई व्यवस्था के मुताबिक, अब मदरसों में मुख्यधारा की शिक्षा 80 फीसदी तक दी जाएगी, जबकि दिनी तालीम को सिर्फ 20 प्रतिशत की सीमित किया गया है।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आलिया स्तर के मदरसों में एक शिक्षक रहेगा। इसके अलावा कक्षा 5 तक के मदरसों में 4 शिक्षक रहेंगे। कक्षा 6 से 8 तक में दो और कक्षा 9 और 10 स्तर के मदरसों में 3 शिक्षक मॉडर्न एजुकेशन पढ़ाने के लिए रखे जाएंगे। माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश सरकार मदरसों में शिक्षा की व्यवस्था में बड़ा सुधार लाने की कोशिश कर रही है। बीते सप्ताह मदरसा शिक्षा में सुधार के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से यूपी मदरसा ई-लर्निंग मोबाइल एप भी लॉन्च किया गया था। इसके अलावा मदरसा शिक्षक को भी डिजिटल शिक्षा से जोड़ने की कोशिश की जा रही है और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है।
उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी ने मदरसों में दाखिले के लिए विद्यार्थी की अधिकतम आयु सीमा तय करने पर विचार किए जाने की अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए कहा था कि सरकार मदरसों में दाखिले की उम्र तय करने के सिलसिले में एक समिति का गठन करेगी। अंसारी ने कहा था कि मदरसों की विभिन्न कक्षाओं में दाखिले के लिए विद्यार्थी की आयु निर्धारित करने को लेकर एक समिति बनाई जाएगी, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आयु निर्धारण संबंधी निर्णय लिया जाएगा। मदरसों में दाखिले के लिए अधिकतम उम्र तय करने का कोई विचार नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सीबीएसई और आईसीएसई समेत विभिन्न शिक्षा परिषदों की तर्ज पर उत्तर प्रदेश के मदरसों में भी दाखिले के लिए न्यूनतम आयु सीमा तय करेगी।