
UP News : प्रयागराज। उमेश पाल हत्याकांड में शामिल माफिया अतीक के बेटे असद व शूटर गुलाम को झांसी में यूपी एसटीएफ द्वारा एनकांउटर में ढ़ेर किए जाने के बाद हत्याकांड में शामिल बमबाज गुडडू मुस्लिम का नंबर है। यूपी एसटीएफ ने गुडडू मुस्लिम को शरण देने वाले सतीश पांडेय नामक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। जिसके बाद एसटीएफ के हाथ गुडडू को लेकर अहम सुराग लगे हैं। गुडडू पर एसटीएफ जल्द शिकंजा कस सकती है।
सूत्रों के मुताबिक एक खनन माफिया के कहने पर सतीश पांडेय ने गुडडू को शरण दी थी। गुडडू व सतीश के ठिकानों पर छापेमारी चल रही हैं। वहीं उमेश पाल हत्याकांड में आरोपी अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक शाहइस्ता बेटे असद का शव घर पर पहुंचने पर उसे अंतिम बार देखने आ सकती है। प्रयागराज पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए तैयार है। वहीं इस एनकाउंटर में मारे गए शूटर गुलाम का शव लेने से उसकी मां और भाई ने मना कर दिया है।
वहीं झांसी के पारीछा डैम के पास एनकाउंटर में मारे गए माफिया अतीक अहमद के बेटे असद और शूटर गुलाम मोहम्मद का शनिवार रात 2:30 बजे तक पोस्टमार्टम चला। 3 डॉक्टरों का पैनल शामिल रहा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक सामने आया कि माफिया अतीक के बेटे असद दो गोलियां लगी हैं। एक गोली पीछे से पीठ में लगकर दिल और सीने को चीरते हुए बाहर निकल गई। जबकि दूसरे गोली सीने में लगी और गले में जाकर फंस गई।
डॉक्टरों की टीम ने शरीर के भीतर से गोली को बरामद किया है। वहीं, शूटर गुलाम को सिर्फ एक गोली चली। जो पीठ में लगकर दिल व सीने को चीरते हुए बाहर निकल गई। गोली से ही दोनों की मौत हुई है। डॉ. शैलेश गुप्ता, डॉ. नीरज सिंह और डॉ. राहुल पारासर के पैनल ने रात करीब 9 बजे पोस्टमार्टम शुरू किया। दोनों शवों के पोस्टमार्टम करने में करीब 5 घंटे का वक्त लगा। इस दौरान पूरे पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी कराई गई है।
असद का शव प्रयागराज अतीक अहमद के घर आएगा फिर कसारी मसारी टेलीफोन एक्सचेंज के पास स्थित कब्रिस्तान में ले जाकर दफनाया जायेगा। असद को दफनाए जाने के दौैरान अतीक अहमद नहीं मौजूद होगा। क्योंकि उसे अनुमति नहीं मिली है।
असद के नाना और मौसा उसका शव लेने झांसी पहुंचेंगे। दोनों झांसी से शव प्रयागराज ले जाएंगे, जहां असद को प्रयागराज पुलिस की मौजूदगी में सुपुर्दे-खाक किया जाएगा।
माफिया अतीक अहमद के मामले में यूपी के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा- हमारी अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति है। अपराधियों के समर्थन में जो राजनीतिक दल खड़े हैं उन्हें प्रदेश की जनता देख रही है। एनकाउंटर पर सवाल उठाना ठीक नहीं है। प्रदेश में अमन-चयन कायम करना हमारा काम है। उन्होंने कहा कि सपा ने प्रशासनिक व्यवस्था ध्वस्त कर दी थी। समाज के कलंक के लिए आंसू बहाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि अदालत जो निर्णय लेगी हम उसका पालन करेंगे।
झांसी के बड़ागांव थाने में एसटीएफ के डिप्टी एसपी नवेंदु कुमार ने ये एफआईआर दर्ज कराई है। इसमें कहा गया है कि पुलिस ने उमेश पाल की हत्या के आरोपी असद अहमद और गुलाम को उत्तर प्रदेश पुलिस ने जिंदा पकडऩे की कोशिश की थी, लेकिन दोनों तरफ से गोलीबारी में वो घायल हो गया और फिर उसकी मौत हो गई। झांसी के बड़ागांव थाने में एसटीएफ की तरफ से 3 एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें एनकाउंटर की पूरी डिटेल शामिल है। पहली एफआईआर क्राइम नंबर-74/23 में असद और गुलाम पर हत्या के प्रयास की एफआईआर दर्ज हुई। दूसरी एफआईआर क्राइम नंबर-75/23 अतीक अहमद के बेटे असद से बरामद हुई पिस्टल के मामले में आर्म्स एक्ट में दर्ज हुई। तीसरी एफआईआर क्राइम नंबर- 76/23 मो गुलाम से बरामद हुई विदेशी पिस्टल और कारतूस के मामले में दर्ज हुई है।
तीनों एफआईआर को एसटीएफ के डिप्टी एसपी नवेंदु सिंह की तरफ से लिखाई गई। तीनों एफआईआर के अनुसार असद और गुलाम ने पुलिस पर की फायरिंग तो एसटीएफ की तरफ से 9 गोली चलाई गई। सीओ नवेंदु सिंह ने दो गोली चलाई, सीओ विमल सिंह ने एक, इंस्पेक्टर अनिल सिंह और ज्ञानेंद्र राय ने एक-एक गोली चलाई थी।
इसके अलावा हेड कांस्टेबल पंकज तिवारी, सुशील कुमार, सुनील कुमार और भूपेंद्र ने अपनी-अपनी पिस्टल से एक-एक फायर किया। एफआईआर में कहा गया कि मुखबिर से पुलिस को असद और शूटर गुलाम की खबर मिली और फिर पुलिस ने झांसी से 23 किलोमीटर दूर पारीछा में असद-गुलाम की घेराबंदी की और एनकाउंटर में दोनों मारे गए। UP News