
UP News : उत्तर प्रदेश की धर्म नगरी अयोध्या में जब से नवनिर्मित भव्य मंदिर में श्रीराम लला की स्थापना हुई है, तभी से देशभर के लोग अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन करना चाह रहे हैं। अयोध्या में तो श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा हुआ है। लेकिन इसी बीच मध्य प्रदेश के भोपाल से एक चौंका देने वाली खबर सामने आई है। भोपाल की रहने वाली एक विवाहिता को उसके पति ने अयोध्या में रामलला के दर्शन क्या कराए कि बीवी ने नाराज होकर अपने पति को तलाक का नोटिस भेज दिया। विवाहिता ने अपने पति से अलग होने का फैसला कर लिया है।
आपको बता दें एमपी की राजधानी भोपाल की रहने वाली एक विवाहिता ने शादी के आठ माह बाद कोर्ट में तलाक की अर्जी दाखिल की है। विवाहिता ने कहा कि शादी के बाद से ही वह अपने पति के साथ सामंजस्य नहीं बैठा पा रही है। शादी के समय उसके पति ने उसे हनीमून के लिए विदेश ले जाने की बात कही थी, लेकिन उसका पति उसे हनीमून के लिए विदेश नहीं ले गया, बल्कि अपने माता पिता के साथ यूपी के वाराणसी और अयोध्या में रामलला के दर्शन के लिए ले गया था।
मामले को लेकर भोपाल की फैमिली कोर्ट मैरिज काउंसलर शैल अवस्थी ने कहा कि तलाक की विवाहिता द्वारा अपने पति से तलाक की अर्जी दायर की गई है, यह अर्जी फिलहाल काउंसलिंग के चरण में है। महिला और उसके पति के बीच समझौते के प्रयास किए जा रहे हैं।
आपको बता दें कि विवाहिता की शादी 3 मई 2023 को हुई थी। शादी के बाद से ही वो हनीमून के लिए विदेश जाने की जिद पर अड़ी थी, जबकि उसका पति हनीमून के लिए विदेश जाने के पक्ष में नहीं है। महिला एक निजी कंपनी में काम करती है और उसका पति एक आईटी प्रोफेशनल है। पति ने पत्नी को बिना बताए अयोध्या और वाराणसी के लिए फ्लाइट बुक कर ली थी। यात्रा पर जाने से ठीक एक दिन पहले ही महिला की इसकी जानकारी दी गई।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पति ने अपनी पत्नी से कहा कि उनकी मां राम मंदिर की मूर्ति प्रतिष्ठा से पहले अयोध्या का दर्शन करना चाहती थीं। हालांकि यात्रा पर जाने के लिए महिला ने पहले तो कोई आपत्ति नहीं जताई, लेकिन वापस घर लौटने के बाद घर पर बहस हुई। बाद में बात इतनी बढ़ गई कि पत्नी ने पति को तलाक का नोटिस भेज दिया। फिलहाल यह मामला काउसंलिंग चरण में है। कोर्ट दोनों पक्षों को बैठाकर समझाने का प्रयास कर रही है। कोर्ट का कहना है कि यदि दोनों पक्षों की काउंसलिंग के बाद कोई हल नहीं निकलता है तो उसके बाद आगे का निर्णय दिया जाएगा।