UP Political News : अकड़ से बात न कर पहलवान... मैं शहर का नहीं हूं, न ‘बनिए की औलाद’ हूं,
Minister Dinesh Khatik
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 07:27 PM
UP Political News : मेरठ। विवादों में रहना उनका शगल है। अपनी तुनकमिजाजी के कारण अक्सर चर्चाओं में रहने वाले यूपी की योगी सरकार में मंत्री दिनेश खटीक एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वे अपनी तुनकमिजाजी के लिए नहीं, बल्कि बदजुबानी के लिए निशाने पर हैं। शुक्रवार को उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वे कह रहे हैं, ‘अकड़ से बात न कर पहलवान! मैं एमएलए बन गया, लेकिन गांव का ही हूं, शहर का नहीं हूं, न ‘बनिए की औलाद’ हूं।’ इस वीडियो के वायरल होने के बाद सियासी हलकों में विवाद छिड़ गया है। वैश्य समाज के लिए की गई अमर्यादित टिप्पणी पर लोग सवाल उठा रहे हैं।
UP Political News :
सोशल मीडिया पर आज यानि 7 अक्टूबर की सुबह से ही एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में योगी के मंत्री दिनेश खटीक कुछ लोगों के बीच जमीन पर बैठे दिख रहे हैं। उनसे एक व्यक्ति कुछ सवाल कर रहा है। उसके सवाल पर दिनेश खटीक उत्तेजित हो जाते हैं और कहते हैं- ‘अकड़ से बात न कर पहलवान! मैं एमएलए बन गया, लेकिन गांव का ही हूं. शहर का नहीं हूं, न ‘बनिए की औलाद’ हूं।’ वैश्य समाज के लिए किए गए इस अमार्यादित टिप्पणी पर लोग सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि दूसरों को उपदेश देना आसान है, लेकिन उस पर मंत्री खुद अमल क्यों नहीं करते हैं।
उत्तर प्रदेश के मेरठ के हस्तिनापुर विधानसभा सीट से विधायक चुने गए दिनेश खटीक को दूसरी बार प्रदेश सरकार में मंत्री बनाया गया है। योगी सरकार के पहले कार्यकाल के दौरान 26 सितंबर 2021 को उन्हें जल शक्ति और बाढ़ नियंत्रण राज्य मंत्री बनाया गया था। योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल में भी उन्हें जल शक्ति राज्य मंत्री बनाया गया। हालांकि, इस बार सरकार के 100 दिन पूरे होने के बाद भी उनके काम का बंटवारा नहीं होने और अफसरों के रवैये से नाराज दलित समाज से आने वाले दिनेश खटीक ने अपना इस्तीफा सीएम योगी को दे दिया और दूसरी ओर, सीधे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को एक चिट्ठी लिख डाली। हालांकि सीएम ने उनके इस्तीफे को नामंजूर कर दिया था। हालांकि तब भी सवाल खड़े हुए थे कि क्या वे किसी के इशारे पर इस्तीफे की धमकी से लेकर दलित समाज की उपेक्षा के नाम पर राजनीति कर रहे हैं? उनके कारनामों पर सवाल कई हैं, लेकिन जवाब सिर्फ खटीक के पास है, लेकिन वह अपना स्टैंड बदलते रहते हैं।
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दरअसल, दिनेश खटीक का परिवार संघ से जुड़ा रहा है। वह खुद भी संघ के कार्यकर्ता हैं। ऐसे में वे सीधे पार्टी या नेता पर कोई हमला करने से परहेज करते हैं। उन्होंने अपनी नाराजगी से संबंधित पत्र केंद्रीय गृह मंत्री को लिखा। उसमें विस्तार से पूरे मामले को रखा है। दिनेश खटीक ने क्षेत्र में अपने कार्यों से अपनी पहचान बनाई है। प्राचीन नगरी में विकास के कई बड़े कार्य उन्होंने किए। उन्हें अपने काम और कामयाबी की अकड़ है, शायद इसीलिए बीते दिनों उन्होंने आमंत्रण के बावजूद सीएम योगी में भी जाने की जहमत नहीं उठाई। बता दें कि भूजल सप्ताह के समापन पर लखनऊ के लोक भवन में एक कार्यक्रम रखा गया था। सीएम योगी आदित्यनाथ इसमें मुख्य अतिथि बनाए गए थे। जल शक्ति विभाग के कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और दोनों राज्य मंत्रियों दिनेश खटीक और रामकेश निषाद को भी बुलाया गया। उस कार्यक्रम का बहिष्कार कर वह मेरठ आ गए।