उपराष्ट्रपति की रेस में 3 नाम, धनखड़ के बाद कौन संभालेगा जिम्मा?
भारत
चेतना मंच
23 Jul 2025 02:28 PM
नई दिल्ली: देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और राष्ट्रपति ने उनका इस्तीफा स्वीकार भी कर लिया है। इस बड़े घटनाक्रम के बाद अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अगला उपराष्ट्रपति कौन होगा। फिलहाल इस पद के लिए कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन दिल्ली के सियासी गलियारों में तीन बड़े नाम चर्चा में हैं। ये नाम हैं — नीतीश कुमार, वीके सक्सेना और मनोज सिन्हा।
संविधान क्या कहता है?
संविधान के अनुसार, अगर उपराष्ट्रपति इस्तीफा देता है तो जितनी जल्दी हो सके, नए उपराष्ट्रपति के लिए चुनाव कराया जाना चाहिए। हालांकि चुनाव की तारीख का अभी एलान नहीं हुआ है, लेकिन प्रक्रिया को जल्द शुरू किया जा सकता है। इस बीच अलग-अलग राजनीतिक हलकों में संभावित उम्मीदवारों के नाम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
नीतीश कुमार: क्या उपराष्ट्रपति बनेंगे बिहार के मुख्यमंत्री?
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। कई नेताओं और एनडीए के सहयोगियों ने उनके नाम का समर्थन किया है। उपेंद्र कुशवाहा जैसे नेताओं ने कहा है कि नीतीश कुमार को अब अगली पीढ़ी को मौका देना चाहिए और खुद राजनीति से एक सम्मानजनक विदाई लेनी चाहिए। कुछ जानकारों का मानना है कि उपराष्ट्रपति बनकर नीतीश कुमार एक नई भूमिका में आ सकते हैं और इससे बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव आ सकता है।
वीके सक्सेना: दिल्ली के एलजी से राष्ट्रीय राजनीति की ओर?
दूसरे संभावित उम्मीदवार हैं वीके सक्सेना, जो फिलहाल दिल्ली के उपराज्यपाल हैं। उन्होंने प्रशासनिक तौर पर कई सख्त फैसले लिए हैं और अरविंद केजरीवाल की सरकार के कई कदमों पर लगाम लगाई है। कॉरपोरेट जगत से आए सक्सेना को भाजपा नेतृत्व के करीबी माना जाता है। उनके नाम पर विचार इसलिए भी हो सकता है क्योंकि वह किसी दलगत राजनीति से नहीं जुड़े हुए हैं और उनका प्रशासनिक अनुभव भी मजबूत है।
मनोज सिन्हा: जम्मू-कश्मीर के एलजी से उपराष्ट्रपति पद तक?
तीसरे नाम की बात करें तो वह हैं मनोज सिन्हा, जो इस समय जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल हैं। उनका कार्यकाल छह अगस्त को समाप्त हो रहा है, ऐसे में समय की दृष्टि से भी वह एक उपयुक्त विकल्प माने जा रहे हैं। पूर्व में रेल राज्यमंत्री रह चुके मनोज सिन्हा उत्तर प्रदेश में भाजपा के मजबूत चेहरे रहे हैं। उनके समर्थकों का दावा है कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने के बाद जो स्थिरता आई है, उसमें सिन्हा की बड़ी भूमिका रही है। हालांकि उनके कार्यकाल में पहलगाम आतंकी हमला भी हुआ, जो एक चिंता का विषय बना।
चुनाव की तारीख का इंतज़ार, लेकिन सस्पेंस कायम
फिलहाल नए उपराष्ट्रपति के नाम को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। लेकिन जिस तरह से ये तीन नाम चर्चा में हैं, उससे यह साफ है कि सत्ता पक्ष किसी ऐसे चेहरे की तलाश में है जो राजनीतिक संतुलन बनाए रख सके और संस्थागत मजबूती दे सके। अब देखना होगा कि इनमें से कौन राष्ट्रपति भवन की गद्दी तक पहुंचता है, या फिर भाजपा और एनडीए कोई चौंकाने वाला नाम सामने लाते हैं।
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