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SIR Supreme Court Judgment: सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला उन याचिकाओं पर आया है जिनमें पिछले साल जून में बिहार में एसआईआर कराने के लिए चुनाव आयोग की अधिसूचना को चुनौती दी गई थी।

SIR Supreme Court Judgment: सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग की ओर से किए गए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) सही ठहराया है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ ने यह निर्णय सुनाया। यह फ़ैसला उन याचिकाओं पर आया है जिनमें पिछले साल जून में बिहार में एसआईआर कराने के लिए चुनाव आयोग की अधिसूचना को चुनौती दी गई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
एसआईआर को चुनौती देने वाली याचिकाओं में क्या कहा गया था?
याचिकाओं में दावा किया गया था कि संविधान के अनुच्छेद 326, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और उससे संबंधित नियमों के तहत निर्वाचन आयोग को इतने व्यापक स्तर पर एसआईआर कराने का अधिकार नहीं है।
शीर्ष न्यायालय ने 29 जनवरी को इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था। इन याचिकाओं में गैर-सरकारी संगठन ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ (एडीआर) की याचिका भी शामिल थी।
याचिकाकर्ताओं ने यह आरोप भी लगाया था कि मतदाता सूची का यह पुनरीक्षण ‘‘राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) जैसी प्रक्रिया’’ है, जिसमें निर्वाचन आयोग नागरिकता की जांच कर रहा है, जबकि यह अधिकार केंद्र सरकार के पास है।
बिहार में एसआईआर अभियान का पहला चरण चलाया गया था।
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