उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (UTU) में पेपर लीक के आरोपों ने उच्च शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विश्वविद्यालय ने जांच में प्रारंभिक तौर पर आरोप सही पाए जाने के बाद 24 जून और 8 जुलाई 2026 को आयोजित दो परीक्षाएं रद कर दी हैं।

Paper Leak At UTU : उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (UTU) में पेपर लीक के आरोपों ने उच्च शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विश्वविद्यालय ने जांच में प्रारंभिक तौर पर आरोप सही पाए जाने के बाद 24 जून और 8 जुलाई 2026 को आयोजित दो परीक्षाएं रद कर दी हैं। मामले में आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर को विश्वविद्यालय की परीक्षा पैनल से सात साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है, जबकि पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू कर दी है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र और महत्वपूर्ण प्रश्न एक व्हाट्सऐप ग्रुप पर साझा किए जाने की शिकायत मिली थी। शिकायत मिलने के बाद गठित जांच समिति ने मामले की जांच की, जिसमें प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए। इसके बाद विश्वविद्यालय ने दोनों परीक्षाओं को निरस्त करने का फैसला लिया।
Paper Leak At UTU
जांच के मुताबिक, देहरादून स्थित शिवालिक कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर आशीष गुप्ता पर आरोप है कि उन्होंने परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र और संभावित प्रश्न छात्रों तक पहुंचाए। विश्वविद्यालय का कहना है कि इस कृत्य से परीक्षा की गोपनीयता प्रभावित हुई, इसलिए छात्रों के हित और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए परीक्षा रद्द करना जरूरी था।
Paper Leak At UTU
UTU की कुलपति तृप्ता ठाकुर ने बताया कि 8 जुलाई की परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक होने की पुष्टि हुई है। वहीं 24 जून को आयोजित इलेक्ट्रोमैग्नेटिक विषय की परीक्षा एहतियातन रद्द की गई, क्योंकि उसका प्रश्नपत्र भी उसी शिक्षक ने तैयार किया था, जिस पर पेपर लीक का आरोप है। विश्वविद्यालय ने बताया कि रद्द की गई परीक्षा अब अगस्त में दोबारा आयोजित की जाएगी।
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विश्वविद्यालय ने आरोपी प्रोफेसर को परीक्षा संबंधी सभी जिम्मेदारियों से हटाते हुए सात वर्षों के लिए परीक्षा पैनल से प्रतिबंधित कर दिया है। साथ ही प्रेमनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस कथित पेपर लीक में किसी अन्य व्यक्ति या संगठित नेटवर्क की भी भूमिका थी या नहीं।
Paper Leak At UTU
मामला सामने आने के बाद NSUI कार्यकर्ताओं ने उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन किया और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि केवल एक व्यक्ति की भूमिका की जांच पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे नेटवर्क की जांच होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
Paper Leak At UTU
विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा है कि परीक्षा प्रणाली को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे। गोपनीय प्रश्नपत्रों के निर्माण, वितरण और निगरानी की प्रक्रिया की समीक्षा की जा रही है ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की पेपर लीक की घटना को रोका जा सके।
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