UPSC : संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 (CSE 2026) के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस साल कुल 933 पदों के लिए भर्ती निकाली गई है। उम्मीदवार 4 फरवरी से 24 फरवरी 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। इस साल परीक्षा में कई नए बदलाव और नियम लागू किए गए हैं।

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 (CSE 2026) के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस साल परीक्षा के लिए कुल 933 पदों उपलब्ध हैं। उम्मीदवार 4 फरवरी से 24 फरवरी 2026 तक ऑनलाइन एप्लीकेशन फॉर्म भर सकते हैं। UPSC की यह परीक्षा भारत की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा मानी जाती है और इसके नियम हर साल अपडेट होते रहते हैं। इस आर्टिकल में हम आपको UPSC 2026 के नए बदलाव, नियम और आवेदन प्रक्रिया के बारे में विस्तार से समझाएंगे।
इस साल UPSC परीक्षा के लिए आवेदन की प्रक्रिया 4 फरवरी से शुरू होकर 24 फरवरी 2026 तक चलेगी। इसके बाद उम्मीदवार सीधे प्रीलिम्स और मेन्स की तैयारी में लग सकते हैं। सभी उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि से पहले जल्दी से जल्दी फॉर्म भर दें ताकि किसी तकनीकी या अन्य समस्या की वजह से आवेदन रद्द न हो।
2026 में कुल 933 पदों पर भर्ती की जा रही है। पदों के अनुसार उम्मीदवारों की योग्यता इस प्रकार है:
IAS (Indian Administrative Service): किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से बैचलर डिग्री अनिवार्य है।
IFS (Indian Forest Service): बैचलर डिग्री जरूरी है विषय जैसे एनिमल हसबेंडरी, वेटरनरी साइंस, बॉटनी, केमिस्ट्री, जियोलॉजी, मैथमेटिक्स, फिजिक्स, स्टैटिस्टिक्स, जूलॉजी और एग्रीकल्चर।
UPSC ने इस साल CSE के लिए कई नए नियम और पाबंदियां लागू की हैं। मुख्य बदलाव इस प्रकार हैं:
इस साल परीक्षा केंद्र पर AI-बेस्ड फेस रिकॉग्निशन किया जाएगा। उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र पर अपना चेहरा वेरिफिकेशन करवाना अनिवार्य होगा ताकि किसी भी प्रकार की पहचान चोरी या नकल की संभावना को रोका जा सके।
जो उम्मीदवार पहले से IAS, IFS या IPS में चयनित हैं वे इस बार जारी पदों पर आवेदन नहीं कर सकते। यदि किसी उम्मीदवार का चयन प्रीलिम्स के बाद और मेन्स से पहले होता है तो उसे मेन्स देने की अनुमति नहीं मिलेगी।
IPS के लिए जो उम्मीदवार पहले किसी परीक्षा के आधार पर चयनित हो चुके हैं वे 2026 में दोबारा IPS विकल्प नहीं चुन पाएंगे।
अगर उम्मीदवार 2026 में चयनित होते हैं और फिर से परीक्षा देना चाहते हैं तो उन्हें ट्रेनिंग में शामिल न होने की छूट प्राप्त होनी चाहिए। अगर छूट नहीं मिले और वे ट्रेनिंग में शामिल नहीं होते तो उनका आवेदन रद्द कर दिया जाएगा। भविष्य में सफल होने पर उन्हें केवल एक ही सेवा चुननी होगी।
जो उम्मीदवार CSE 2025 या उससे पहले चयनित हो चुके हैं उन्हें अपने बचे हुए अटेम्प्ट्स के लिए 2026 और 2027 में अंतिम मौका मिलेगा। 2028 या उसके बाद परीक्षा देने के लिए उम्मीदवार को अपनी वर्तमान पोस्ट से इस्तीफा देना होगा।
इस बार आधार लिंक्ड और AI-बेस्ड वेरिफिकेशन अनिवार्य किया गया है। पुराने OTR सिस्टम की जगह अब एक चार-चरणों वाला डिजिटल पोर्टल है जहां उम्मीदवार केवल आधार वेरिफिकेशन के जरिए फॉर्म भर सकेंगे। इस कदम का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है।