
Uttar Pradesh 2022 : संयुक्त किसान मोर्चा ने (Uttar Pradesh 2022) अपना 'मिशन यूपी' की शुरुआत कर दी है। इस मिशन की किसान (Uttar Pradesh 2022) संगठनों के अगुआ महीनों से तैयारी कर रहे थे। संयुक्त किसान मोर्चा के इस अभियान से भाजपा नेता और समर्थकों में नाराजगी देखी जा रही है, क्योंकि किसान आंदोलनकारियों ने इसे उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा का विरोध करने के लिए ही शुरू किया है। संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में किसान नेताओं ने कहा कि उन्होंने भाजपा के चुनावी घोषणा पत्र का विश्लेषण किया है। जिसमें उन्हें किसानों के हित में कुछ खास नहीं मिला।
राकेश टिकैत, योगेंद्र यादव और हन्नान मुल्ला समेत संयुक्त मोर्चा के कई वरिष्ठ नेता सिलसिलेवार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं। जिसमें उन्होंने मोदी सरकार पर झूठे वादे कर किसानों को ठगने का आरोप लगाया है। आपको बता दें कि मोदी सरकार की कृषि नीतियों का विरोध करने वाले कृषि संघों के मंच संयुक्त किसान मोर्चा ने राज्य में चल रहे विधानसभा चुनावों में सत्तारूढ़ भाजपा के खिलाफ सीधे अभियान चलाने के लिए मिशन उत्तर प्रदेश शुरू किया है, जिसमें किसानों से योगी के नेतृत्व वाली सरकार को समर्थन न देने के लिए कहा गया है।
संयुक्त किसान मोर्चा के मिशन उत्तर प्रदेश शुरू होने से उत्तर प्रदेश के विपक्षी दलों को राहत मिलेगी, वे सत्तारूढ़ पार्टी पर और हमलावर हो जाएंगे। राकेश टिकैत, योगेंद्र यादव और हन्नान मुल्ला समेत संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि इस सरकार द्वारा किसानों से अन्याय किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि हाल के केंद्रीय बजट ने कृषि सब्सिडी में भारी कमी की है और कृषक समुदाय के लिए कुछ भी नहीं है।
किसान नेताओं ने मोदी सरकार पर झूठे वादे कर किसानों को ठगने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि, भाजपा सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। राजनीति के जानकारों का कहना है कि, यूपी चुनाव के बचे हुए 5 चरणों में संयुक्त किसान मोर्चा के मिशन उत्तर प्रदेश का असर पड़ेगा।
सात चरणों में होने वाले यूपी चुनाव का दूसरा चरण सोमवार को संपन्न हुआ, शेष पांच चरणों का मतदान बाकि है। इसके साथ ही गोवा और उत्तराखंड में भी मतदान संपन्न हो चुका है। अब पंजाब में 20 फरवरी को मतदान होना है। उसके बाद मणिपुर में 28 फरवरी और 5 मार्च को मतदान होगा।