कौन हैं इंद्रजीत सिंह? जिन्होंने लखनऊ को बनाया यूपी का सबसे स्वच्छ शहर
Uttar Pradesh Samachar
भारत
चेतना मंच
27 Jul 2025 01:12 AM
Uttar Pradesh Samachar : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को हाल ही में स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में देश का तीसरा और यूपी का सबसे स्वच्छ शहर घोषित किया गया। यह उपलब्धि सिर्फ संयोग नहीं, बल्कि एक दूरदर्शी नेतृत्व, ईमानदार प्रशासनिक इच्छाशक्ति और जमीनी काम का परिणाम है। और इस पूरे परिवर्तन के केंद्र में हैं आईएएस अधिकारी इंद्रजीत सिंह।
कौन हैं इंद्रजीत सिंह?
इंद्रजीत सिंह, 2016 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। मूल रूप से पंजाब के दोआबा क्षेत्र से ताल्लुक रखते हैं। उनकी प्रशासनिक यात्रा 2017 में बिजनौर से शुरू हुई, जहां उन्होंने असिस्टेंट कमिश्नर के रूप में कार्यभार संभाला। इसके बाद उन्होंने इटावा, गोरखपुर, और अंतत: लखनऊ जैसे प्रमुख जिलों में कार्य किया। 27 जून 2022 से 24 अप्रैल 2025 तक इंद्रजीत सिंह लखनऊ नगर निगम के नगर आयुक्त रहे। इस दौरान उन्होंने शहर को कूड़े के ढेर से निकालकर देश के टॉप-3 स्वच्छ शहरों की सूची में लाकर खड़ा कर दिया।
कैसे बदली शहर की तस्वीर?
इंद्रजीत सिंह ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उन्होंने खुद सबसे पहले स्वच्छ भारत मिशन की गाइडलाइन को गहराई से पढ़ा, फिर अपनी पूरी टीम को इन गाइडलाइनों पर प्रशिक्षित किया। वे मानते हैं कि स्वच्छता कोई स्लोगन नहीं, बल्कि एक निरंतर प्रक्रिया है। उनके कार्यकाल में लखनऊ के शिवरी क्षेत्र में एक कचरा प्रोसेसिंग यूनिट शुरू की गई, जिससे कूड़े के पहाड़ खत्म हुए और संगठित अपशिष्ट प्रबंधन की नींव रखी गई। परिणामस्वरूप, सफाई व्यवस्था में क्रांतिकारी सुधार हुआ।
राष्ट्रपति के हाथों मिला सम्मान
17 जुलाई को आयोजित राष्ट्रीय स्वच्छता सम्मान समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लखनऊ नगर निगम को देश के तीसरे सबसे स्वच्छ शहर का पुरस्कार प्रदान किया। यह सम्मान इंद्रजीत सिंह, लखनऊ की महापौर सुषमा खड़कवाल और नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा ने संयुक्त रूप से ग्रहण किया। इंद्रजीत सिंह की उपलब्धियां सिर्फ सफाई तक सीमित नहीं रहीं। नगर निगम कर्मचारियों की वेतन भुगतान प्रणाली को दुरुस्त किया। पहले जहां वेतन 20 तारीख के बाद मिलता था, अब यह 1 से 5 तारीख के बीच आने लगा है। टैक्स कलेक्शन में भी इजाफा कराया, जिससे निगम की वित्तीय स्थिति सुधरी। जनता को जोड़ने के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग, साफ-सफाई ऐप, और नियमित अभियान चलाए गए।
भरोसे का नाम बन चुके हैं इंद्रजीत सिंह
शहर के लोगों के लिए इंद्रजीत सिंह सिर्फ एक अफसर नहीं, बल्कि भरोसे और प्रेरणा का नाम बन गए हैं। उन्होंने प्रशासन और जनता के बीच की दूरी को कम किया और स्वच्छता को आंदोलन का रूप दे दिया। लखनऊ को देश के सबसे स्वच्छ शहरों की सूची में लाने वाले आईएएस अधिकारी इंद्रजीत सिंह एक मौन कर्मयोगी की मिसाल हैं। न कोई प्रचार, न कोई शोर, सिर्फ नतीजे। अगर भारत के हर शहर में ऐसे अधिकारी मिलें, तो स्वच्छ भारत सिर्फ सपना नहीं, हकीकत बन सकता है।