क्या देवभूमि उत्तराखंड में मौसम ने चारधाम यात्रा के सामने बड़ी मुश्किल खड़ी कर दी है ? मौसम साफ होने के बाद चारधाम यात्रा कब शुरू होगी और प्रशासन यात्रियों की सुरक्षा को लेकर क्या फैसला लेगा ? उत्तराखंड में बारिश और भूस्खलन से बने इन हालात की पूरी जानकारी के लिए पढ़िए चेतना मंच की यह विशेष रिपोर्ट।

National News : देवभूमि उत्तराखंड में भारी बारिश और भूस्खलन ने चारधाम यात्रा की रफ्तार पर एक बार फिर ब्रेक लगा दिया है। खराब मौसम और पहाड़ी रास्तों पर लगातार गिर रहे मलबे के कारण हजारों श्रद्धालुओं को अलग-अलग स्थानों पर रोक दिया गया है। प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए चारधाम यात्रा को अस्थायी रूप से स्थगित किया है। 26 सितंबर को जारी आदेश के अनुसार मौसम में सुधार तक यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई थी। केदारनाथ मार्ग पर स्थिति विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। रुद्रप्रयाग जिले में लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण यात्रा मार्ग प्रभावित हुआ है। National News
यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए केदारनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं को गौरीकुंड, सोनप्रयाग और गुप्तकाशी में रोकने की व्यवस्था की गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार बड़ी संख्या में यात्री होटल, विश्राम गृह और अन्य सुरक्षित स्थानों पर रुके हुए हैं। केदारनाथ धाम में भी श्रद्धालुओं के रुके होने की जानकारी सामने आई है। प्रशासन का कहना है कि मौसम की स्थिति और मार्ग की सुरक्षा का आकलन करने के बाद ही आगे की यात्रा के संबंध में निर्णय लिया जाएगा। इससे पहले सितंबर में भी चीरबासा के पास भूस्खलन के कारण केदारनाथ पैदल मार्ग प्रभावित हुआ था। उस दौरान मौसम साफ होने पर SDRF और प्रशासन की मदद से 6,500 से अधिक यात्रियों को प्रभावित हिस्से से सुरक्षित निकाला गया था। National News
भारी बारिश का असर केवल केदारनाथ मार्ग तक सीमित नहीं है। गंगोत्री और यमुनोत्री जाने वाले यात्रियों को भी विभिन्न स्थानों पर रोका गया है। वहीं मौसम की चेतावनी को देखते हुए हेमकुंड साहिब और फूलों की घाटी की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं तथा पर्यटकों की आवाजाही भी नियंत्रित की गई है। हेमकुंड साहिब क्षेत्र में भी मौसम तेजी से बदल रहा है। इससे पहले सितंबर में वहां सीजन की पहली बर्फबारी दर्ज की गई थी और आसपास के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश, कोहरा तथा तापमान में गिरावट देखी गई थी। National News
उत्तराखंड के ऊंचाई वाले ट्रैकिंग रूट भी खराब मौसम से प्रभावित हुए हैं। कालिंदी ट्रैक सहित कुछ इलाकों में ट्रैकिंग के लिए गए लोगों के फंसे होने की सूचना के बाद प्रशासन ने रेस्क्यू की तैयारी तेज कर दी है। रविवार को राज्य के अलग-अलग उच्च हिमालयी मार्गों पर 179 ट्रैकर्स के फंसे होने की रिपोर्ट भी सामने आई। इनमें उत्तरकाशी और बागेश्वर क्षेत्र के ट्रैकर्स शामिल बताए गए। मौसम अनुकूल होने पर हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू अभियान चलाने की तैयारी की गई। National News
पिथौरागढ़ क्षेत्र में भी पहाड़ियों से लगातार पत्थर और बोल्डर गिरने के कारण सड़क यातायात प्रभावित हुआ। पिथौरागढ़-घाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर लंबे समय तक आवाजाही बाधित रही। प्रशासन और सड़क निर्माण एजेंसियों ने मशीनें लगाकर मार्ग खोलने का काम किया। भूस्खलन के कारण पहाड़ी इलाकों में यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए खतरा बढ़ गया है। ऐसे में प्रशासन की ओर से यात्रियों को मौसम साफ होने तक अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है। National News
गोपेश्वर के रुद्रनाथ ट्रैक पर भी हादसे की सूचना सामने आई है। सगर गांव से करीब चार किलोमीटर आगे एक यात्री पहाड़ी से फिसलकर गहरी खाई में गिर गया। सूचना मिलने के बाद SDRF की टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और घायल यात्री को खाई से बाहर निकाला। National News
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