
Uttrakhand News / देहरादून। उत्तराखंड के यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिलक्यारा से डंडालगांव के बीच निर्माणाधीन सुरंग में हुए हादसे में तकरीबन 41 मजदूर तकरीबन 144 घंटे से फंसे हैं। मजदूरों को बचाने रेस्क्यू ऑपरेशन आज सातवें दिन भी जारी है। देर रात इंदौर से पहुंची दूसरी पुशअप मशीन को इंस्टाल करके रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है। वहीं मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने में हो रही देरी पर आज साथ मजदूरों ने सुरंग के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने अफसरों पर रेस्क्यू में देरी करने का आरोप लगाया।
सिलक्यारा से डंडालगांव के बीच निर्माणाधीन सुरंग में हुए हादसे में तकरीबन 41 मजदूर जिंदगी और मौत के बीच फंसे हुए हैं। उन्हें बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शासकीय आवास पर अधिकारियों के साथ टनल में फंसे श्रमिकों को सकुशल बाहर निकालने के लिए चलाए जा रहे बचाव कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान रेस्क्यू ऑपरेशन में आ रही बाधाओं से निपटने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री कार्यालय में उप सचिव मंगेश घिल्डियाल सिलक्यारा पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन का निरीक्षण किया।
रेस्क्यू ऑपरेशन में मदद के लिए रेल विकास निगम लिमिटेड की ऑस्ट्रेलिया की कंसल्टेंसी कंपनी के विशेषज्ञ उत्तरकाशी पहुंच चुके हैं। वहीं इंदौर से एयरलिफ्ट कर मंगवाई गई मशीन को इंस्टाल करके रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है।