18 दिन बाद फिर खुला मां वैष्णो देवी का दरबार, यहां जानें यात्रा की जानकारी
भारत
चेतना मंच
13 Sep 2025 10:51 AM
मां वैष्णो देवी के भक्तों के लिए बड़ी खुशखबरी है। 18 दिनों के लंबे इंतजार और भूस्खलन की त्रासदी के बाद 14 सितंबर (रविवार) से वैष्णो देवी यात्रा फिर से शुरू होने जा रही है। यात्रा शुरू होने की खबर मिलते ही कटड़ा में एक बार फिर उत्साह और उम्मीद की लहर दौड़ गई है।भूस्खलन के कारण स्थगित हुई यात्रा ने जहां श्रद्धालुओं को मायूस किया था वहीं व्यापारियों, होटल व्यवसायियों और मजदूरों को भी भारी नुकसान झेलना पड़ा। अब यात्रा शुरू होने के साथ ही हजारों लोगों की रोजी-रोटी दोबारा पटरी पर लौटने की उम्मीद है। Vaishno Devi Yatra
श्रद्धालुओं की पुकार सुनी मां ने
कटड़ा से भवन तक सन्नाटा छाया हुआ था, लेकिन जैसे ही यात्रा फिर शुरू होने की सूचना आई, श्रद्धालुओं के जयकारे और भजन-कीर्तन से वातावरण फिर जीवंत हो उठा। कई श्रद्धालु जो पिछले एक सप्ताह से कटड़ा में डटे थे उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि, "अब मां बुला रही हैं।"
श्राइन बोर्ड ने तेज की तैयारियां
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने यात्रा मार्ग की सफाई, मरम्मत और सुरक्षा इंतजामों को अंतिम रूप दे दिया है। बोर्ड ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान www.maavaishnodevi.org पर जाकर अद्यतन जानकारी लें और सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें। 26 अगस्त को अर्धकुंवारी के पास हुए भारी भूस्खलन में 34 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। इसके बाद से यात्रा स्थगित कर दी गई थी। यह पहली बार था जब भूस्खलन के कारण यात्रा इतने लंबे समय तक बंद रही। इससे पहले 2005 और 2014 में 4-5 दिन के लिए ही यात्रा रुकी थी। भूस्खलन प्रभावित इलाकों में अब मरम्मत कार्य पूरा कर लिया गया है, और सुरक्षा के मद्देनजर आपदा प्रबंधन टीमें और बोर्ड कर्मियों को तैनात कर दिया गया है।
ड्राई फ्रूट यूनियन के अध्यक्ष कुलदीप सडोत्र का कहना है कि, यात्रा बंद होने के चलते कटड़ा और आसपास के इलाकों में करीब 1000 करोड़ रुपये तक का नुकसान हुआ है। होटल इंडस्ट्री को ही 400-500 करोड़ का सीधा नुकसान, ड्राई फ्रूट कारोबार में 150-200 करोड़ की हानि, घोड़ा, पिट्ठू, पालकी मजदूरों की कमाई पर गहरी चोट। कटड़ा चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष राज कुमार पादा ने सरकार से लोन चुकाने में छह माह की राहत और राहत पैकेज की मांग की है ताकि व्यापारी दोबारा अपने पैरों पर खड़े हो सकें। Vaishno Devi Yatra