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MP News: इंदौर नगर निगम के बजट सत्र के दौरान कांग्रेस की पार्षद फौजिया शेख अलीम ने वंदे मातरम्’ गाने से कथित तौर पर इनकार कर दिया था। एक अन्य मुस्लिम महिला पार्षद ने भी उसका कथित समर्थन किया था।

MP News: नगर निगम के एक सम्मेलन के दौरान राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ गाने से कथित तौर पर इनकार करने वाली कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम को इंदौर की एक कोर्ट से झटका लगा है। अदालत ने अग्रिम जमानत याचिका गुरुवार (5 जून) को खारिज कर दी।
पीटीआई-भाषा के मुताबिक फौजिया ने याचिका में दावा किया कि उन्होंने नगर निगम के सदन में ‘वंदे मातरम्’ गाने से कभी मना नहीं किया और उन्हें ‘राजनीतिक द्वेष’ के कारण झूठे मामले में फंसाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि वह जांच में सहयोग कर रही हैं और उनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।
अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि अग्रिम जमानत का लाभ दिए जाने पर वह अपने पद का दुरुपयोग करते हुए गवाहों को डरा-धमका सकती हैं और फरार हो सकती हैं।
अदालत ने क्या कहा?
पीटीआई-भाषा के मुताबिक अदालत ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पार्षद के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 196(1) (विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य को बढ़ावा देने वाले कृत्य) का अपराध पहली नजर में बनता दिखाई देता है।
अपर सत्र न्यायाधीश रूपेश नाईक ने स्थानीय पार्षद फौजिया शेख अलीम (50) की ओर से दायर अग्रिम जमानत याचिका दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद खारिज कर दी।
अदालत ने हालांकि पुलिस को निर्देश दिया कि वह ‘अर्नेश कुमार बनाम बिहार राज्य’ के मुकदमे में उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का ‘अक्षरशः पालन’ सुनिश्चित करे।
इन दिशा-निर्देशों में शीर्ष अदालत ने कहा था कि सात साल तक की सजा वाले अपराधों में पुलिस केवल मामला दर्ज होने के आधार पर आरोपी की गिरफ्तारी न करे, बल्कि गिरफ्तारी की आवश्यकता के ठोस कारण दर्ज करे और वैकल्पिक कानूनी उपायों पर भी विचार करे।
क्या है पूरा कार्यक्रम
इंदौर नगर निगम के बजट सत्र के दौरान आठ अप्रैल को कांग्रेस की पार्षद फौजिया शेख अलीम ने वंदे मातरम्’ गाने से कथित तौर पर इनकार कर दिया था। उन्होंने इसके लिए इस्लामी मान्यताओं का हवाला दिया।
एक अन्य पार्षद रुबीना इकबाल खान ने भी फौजिया के इस रुख का समर्थन किया और राष्ट्रीय गीत गाने से कथित तौर पर मना कर दिया था। रुबीना निर्दलीय चुनाव जीतने के बाद कांग्रेस में शामिल हो गई थी।
इस विवाद के बाद पुलिस ने दोनों पार्षदों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 196 (1) के तहत 15 अप्रैल को मामला दर्ज किया था। MP News
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