राष्ट्रीय ब्यूरो। लगातार अपनी उपेक्षा के चलते भाजपा नेता वरुण गांधी एक बार फिर पार्टी से नाराज बताए जा रहे हैं। अपने ट्वीटर हैंडल से अब उन्होंने भाजपा का नाम हटा दिए हैं। जिसके चलते एक बार फिर उनके पार्टी छोड़ने की अटकलें लगाई जाने लगी है।
उल्लेखनीय है कि पिछले काफी समय से वरुण गांधी भाजपा में उपेक्षित चल रहे हैं। न उन्हें मोदी मंत्रिपरिषद में जगह मिली और न ही संगठन में ही कोई दायित्व दिया गया है। इसके चलते वे लगातार अपनी ही पार्टी पर हमलावर हैं। लखीमपुर खीरी मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखे उनके खत ने भाजपा को असहज कर दिया है। जिसमें उन्होंने किसानों को कुचलने की घटना में शामिल लोगों की पहचान कर उन पर भारतीय दंड सहिता की धारा 302 के तहत मुकदमा दायर कर सख्त सजा सुनिश्चित करने की मांग की है। इससे पहले गत 5 सितम्बर को मुजफ्फरनगर किसान पंचायत को लेकर उन्होंने पार्टी से अलग लाइन से इतर किसानों संगठनों के साथ सहानुभूति जताते हुए दोबारा बातचीत शुरू करने की पैरोकारी की थी। बीते 12 सितम्बर को किसानों की समस्याओं को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खत लिखकर गन्ने की खरीद कीमत बढ़ाने की मांग करते हुए इसे 400 रुपए प्रति क्विंटल करने की मांग की थी। बतादें कि 2017 से ही वरुण गांधी के कांग्रेस पार्टी में शामिल होने की अटकलें चल रही हैं। 2019 में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले भी उनके कांग्रेस में शामिल होने की चर्चा चली थी। लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है जब ट्वीटर हैंडल से उन्होंने भाजपा का नाम हटा दिया है।