क्या 260 करोड़ रुपये की प्लॉट डील ने वाटिका ग्रुप के CMD अनिल भल्ला और प्रमोटर गौतम भल्ला की मुश्किलें बढ़ा दी हैं ? ED ने दोनों को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार कर हिरासत में लिया है। आखिर क्या है गुरुग्राम के प्लॉट विवाद का पूरा मामला ?

National News : गुरुग्राम के रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने वाटिका लिमिटेड के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर अनिल भल्ला और ग्रुप के प्रमोटर गौतम भल्ला को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया है। दोनों को गुरुग्राम की विशेष अदालत के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें 3 अक्टूबर 2026 तक ED की हिरासत में भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। यह कार्रवाई आवासीय प्लॉट की बिक्री से जुड़े कथित धोखाधड़ी मामले की जांच के तहत की गई है। मामले में होमबायर्स और निवेशकों से रकम लेने के बावजूद प्लॉट की डिलीवरी नहीं करने तथा रकम को दूसरी ग्रुप कंपनियों से जुड़े लेनदेन में ट्रांसफर किए जाने के आरोप जांच के दायरे में हैं। National News
ED की जांच के अनुसार वर्ष 2010 से 2012 के बीच सात खरीदार संस्थाओं ने गुरुग्राम के वाटिका इंडिया नेक्स्ट, सेक्टर-84/85 और वाटिका इंडिया नेक्स्ट-2, सेक्टर-88ए में आवासीय प्लॉटों के लिए करीब 260 करोड़ रुपये एडवांस के तौर पर दिए थे। जांच के मुताबिक बाद में प्रोजेक्ट के लेआउट में बदलाव किया गया और मूल रूप से आवंटित प्लॉटों को दोबारा नंबर देकर दूसरी जगहों पर आवंटित किया गया। ED का आरोप है कि परियोजना की जमीन को अन्य खरीदारों को भी आवंटित और बेचा जाता रहा। जांच एजेंसी के मुताबिक वाटिका इंडिया नेक्स्ट-2 में करीब 90 करोड़ रुपये में खरीदी गई 1.10 लाख वर्ग गज जमीन से संबंधित एक भी प्लॉट लगभग 14 वर्ष बीतने के बाद डिलीवर नहीं किया गया। वहीं वाटिका इंडिया नेक्स्ट में भी डिलीवरी पूरी नहीं हुई। ED के अनुसार इस पूरे मामले में करीब 140.73 करोड़ रुपये मूल्य के प्लॉट अभी भी अनडिलीवर्ड बताए जा रहे हैं। National News
इससे पहले ED ने PMLA के तहत वाटिका ग्रुप से जुड़े सात परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया था। एजेंसी के अनुसार तलाशी के दौरान एक आवासीय परिसर से Mercedes-Benz GLC 300, करीब 1.3 किलोग्राम से अधिक सोने और हीरे के आभूषण, जिनकी कीमत करीब 1.55 करोड़ रुपये बताई गई, तथा करीब 3.04 करोड़ रुपये के बैंक खाते और FDR बरामद या फ्रीज किए गए।ED पहले भी वाटिका लिमिटेड और उसके प्रमोटरों से जुड़े मामलों में कार्रवाई कर चुकी है। अक्टूबर 2024 की आधिकारिक कार्रवाई में एजेंसी ने वाटिका लिमिटेड और उसके प्रमोटरों के खिलाफ दर्ज FIR के आधार पर PMLA जांच की बात कही थी। उस जांच में निवेशकों से रकम लेने, वादे के मुताबिक व्यावसायिक इकाइयां नहीं देने और कथित आपराधिक साजिश से जुड़े आरोप शामिल थे। ED की जांच में कथित तौर पर यह भी सामने आया कि प्रोजेक्ट की जमीन करीब 22 ग्रुप कंपनियों के जरिए रखी गई थी। एजेंसी के अनुसार इन कंपनियों में अलग कर्मचारी या स्वतंत्र कारोबारी गतिविधियां नहीं थीं और उनका इस्तेमाल कॉरपोरेट गारंटी तथा लैंड बैंक के प्रबंधन से जुड़े कामों में किया जाता था। National News
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