उपराष्ट्रपति की पगार और सुविधाओं का असली आंकड़ा आप सोच भी नहीं सकते!
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 10:57 AM
सी.पी. राधाकृष्णन ने आज (शुक्रवार) सुबह राष्ट्रपति भवन में भारत के 15वें उपराष्ट्रपति पद की शपथ ली। उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने औपचारिक रूप से शपथ दिलाई। उपराष्ट्रपति का पद भारत में एक बेहद अहम संवैधानिक जिम्मेदारी है लेकिन सबसे दिलचस्प बात यह है कि उपराष्ट्रपति को इस पद के लिए कोई 'सीधी सैलरी' नहीं दी जाती। फिर भी उन्हें तमाम सरकारी सुविधाएं और वेतन राज्यसभा के सभापति के रूप में मिलता है। आइए जानते हैं उपराष्ट्रपति का कार्य क्या होता है, उन्हें कितनी तनख्वाह मिलती है और इस पद के साथ मिलने वाली सुविधाएं कौन-कौन सी हैं। Vice President Salary
उपराष्ट्रपति को कितनी मिलती है सैलरी?
तकनीकी रूप से देखा जाए तो उपराष्ट्रपति पद के लिए कोई वेतन निर्धारित नहीं है। लेकिन चूंकि उपराष्ट्रपति, राज्यसभा के पदेन सभापति (Ex-officio Chairman of Rajya Sabha) भी होते हैं इसलिए उन्हें इस जिम्मेदारी के लिए ₹4,00,000 प्रति माह का वेतन मिलता है।
उपराष्ट्रपति को क्या-क्या सुविधाएं मिलती हैं?
भारत के उपराष्ट्रपति को एक उच्च दर्जे की जीवनशैली और सरकारी सुविधाएं दी जाती हैं जिनमें नई दिल्ली में आलीशान टाइप-8 बंगला, बुलेटप्रूफ सरकारी वाहन, Z+ सुरक्षा कवर, देश-विदेश की मुफ्त आधिकारिक यात्राएं, सरकारी चिकित्सा सेवाएं, पर्सनल स्टाफ और सचिवालय की सुविधा शामिल हैं।
पद छोड़ने के बाद क्या मिलता है?
उपराष्ट्रपति पद छोड़ने के बाद भी कई सुविधाएं जारी रहती हैं जैसे-लाइफटाइम सरकारी आवास, सुरक्षा व्यवस्था, मेडिकल सेवाएं, पेंशन राज्यसभा के पूर्व सभापति के रूप में, उन्हें ₹2,00,000 प्रति माह की पेंशन मिलती है। ध्यान देने वाली बात ये है कि अगर किसी पूर्व उपराष्ट्रपति का निधन हो जाता है तो उनकी पत्नी को भी कुछ सुविधाएं जैसे टाइप-7 बंगला और मेडिकल सुविधा जीवनभर के लिए दी जाती हैं।
उपराष्ट्रपति का काम क्या होता है?
राज्यसभा के सभापति के रूप में
उपराष्ट्रपति, राज्यसभा के पदेन सभापति होते हैं और राज्यसभा की कार्यवाही को संचालित करना उनकी मुख्य जिम्मेदारी होती है। वे संसदीय मर्यादा और अनुशासन बनाए रखते हैं। हंगामे या अव्यवस्था की स्थिति में सदन को नियंत्रित करना उनकी जिम्मेदारी होती है। वे सदन के सदस्य नहीं होते इसलिए साधारण वोटिंग में भाग नहीं लेते लेकिन अगर मत बराबर हो जाएं तो निर्णायक वोट देने का अधिकार उनके पास होता है।
राष्ट्रपति के तौर पर कार्य करना
अगर किसी कारणवश राष्ट्रपति का पद रिक्त हो जाता है (जैसे मृत्यु, इस्तीफा या बीमारी) तो उपराष्ट्रपति ही अस्थायी रूप से राष्ट्रपति का कार्यभार संभालते हैं। इस दौरान वे राज्यसभा के सभापति के रूप में कार्य नहीं करते। जब तक नया राष्ट्रपति नहीं चुन लिया जाता (अधिकतम 6 महीने) तब तक उपराष्ट्रपति ही राष्ट्रपति के कार्यों का निर्वहन करते हैं। Vice President Salary