Noida: नोएडा । देश में एक बार फिर से कोरोना के नए मामलों में वृद्धि हो रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इससे घबराने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के अस्पतालों में भर्ती होने की दर अब भी कम है। हालांकि हर व्यक्ति को सतर्क और सभी सुरक्षा उपायों का पालन करने होगा।
फेलिक्स हॉस्पिटल के संस्थापक(Founder of Felix Hospital) डॉ डी.के. गुप्ता(Dr.D.K.Gupta) का कहना है कि पिछले दस दिनों से कोविड-19 के मामलों में वृद्धि हुई है। हालांकि मरीजों के अस्पतालों में भर्ती होने की दर बहुत कम है। संक्रमण की चपेट में आए अधिकांश लोगों में ज्यादा तीव्र लक्षण भी नहीं उभरे हैं। ज्यादातर बुजुर्ग, बीमार और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोग अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं। पूर्व में कोरोना का शिकार होने और टीकाकरण करवाने के कारण भी लोगों में प्रतिरक्षा विकसित हुई है, जो संक्रमण को हल्के स्तर पर रखने में भी काफी हद तक मददगार साबित हो रहा है। लेकिन सावधानी जरूरी है, खासकर मास्क पहनना न छोड़ें। जिन लोगों में कोई भी लक्षण उभरे, वे खुद को क्वारंटाइन कर लें, जिससे संक्रमण और न फैले। ज्यादातर संक्रमितों में हल्के लक्षण ही उभर रहे हैं, ऐसे में यह ओमिक्रोन का एक उप-स्वरूप हो सकता है।
कोरोना के लक्षण
बुखार, खांसी, थकान, स्वाद और गंध न पता चलना, गले में खराश, सिरदर्द, खुजली और दर्द, दस्त, त्वचा पर चकत्ते, हाथ या पैर की उंगलियों का रंग बदल जाना, लाल या सुजी हुई आंखें, सांस लेने में दिक्कत या सांस फूलना, बोल न पाना या हिल-डुल न पाना या उलझन, सीने में दर्द।
कोरोना से बचाव उपाय
1. हाथों को बार-बार धोएं।
2. कोरोना टीका आवश्य लगवाएं।
3. सार्वजनिक स्थानों पर मास्क लगाएं।
4.अस्वस्थ महसूस होने पर घर पर ही रहें।
5.खांसते छींकते व्यक्ति से कम से कम 1 मीटर दूरी बनाए रखें।
6. बुखार, खांसी है और सांस लेने में परेशानी होने पर डॉक्टर से सलाह।
7. खांसने या छींकने पर अपनी नाक और मुंह को कोहनी या रूमाल से ढंक लें।