वक्फ बिल में बदलावों को लेकर मोदी सरकार के सभी 14 प्रस्ताव मंजूर, विरोधियों के खारिज
Waqf Bill In JPC
भारत
चेतना मंच
28 Nov 2025 04:34 AM
Waqf Bill In JPC : पिछले साल 2024 के अगस्त में वक्फ बिल को 14 बदलावों के साथ संसद में पेश किया गया था। वहीं इससे पहले बीजेपी सांसद और जेपीसी अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने वक्फ बिल में 44 बदलावों का प्रस्ताव रखा था। इसे विपक्ष की ओर से खारिज कर दिया गया था। अब एक बार फिर संसद की ज्वाइंट पार्लियामेंट कमेटी ने वक्फ बिल में बदलावों को मंजूरी दे दी है। वक्फ बिल में बदलावों को लेकर मोदी सरकार ने 14 प्रस्ताव रखे थे जो सभी मंजूर कर लिए गए। और विपक्ष द्वारा लाए गए 44 प्रस्तावों को खारिज कर दिया गया, जिसके कारण विपक्ष में काफी नाराजगी देखी गई।
विपक्ष ने जताई नाराजगी
वक्फ विधेयक को लेकर उसपर चर्चा के लिए सोमवार 27 जनवरी की सुबह 11 बजे संसद की संयुक्त समिति बैठी थी। इस दौरान विधेयक पर हर क्लॉज को लेकर चर्चा की गई। जेपीसी अध्यक्ष जगदंबिका पाल का कहना है कि समिति की ओर से अपनाए गए संशोधन कानून को अधिक बेहतर और प्रभावी बनाया जाएगा। वहीं विपक्षी सांसदों ने विधेयक को लेकर कार्यवाही की निंदा की है। सांसद कल्याण बनर्जी ने जेपीसी अध्यक्ष पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बर्बाद करने का आरोप लगाते हुए कहा कि बैठक में उनकी कोई बात नहीं सुनी गई। उन्होंने कहा,' उन्होंने हमें बोलने नहीं दिया। किसी भी नियम या प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है। सीधे सीधे विपक्ष द्वारा लाए गए सभी प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया।
रिपोर्ट पेश नहीं होने देना चाहती थी विपक्ष
सरकार के सभी संशोधन को मंजूरी और विपक्ष के सभी प्रस्ताव को खारिज करने पर भारी हंगामा होता रहा। संशोधन को लेकर जेपीसी अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने कहा,' मैंने सभी सदस्यों को अपने विचार रखने की अनुमति दी थी। मैंने जब उनके सवालों का जवाब देने की कोशिश की तो उन्होंने नारेबाजी, शोर मचाना और असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल कर खूब हंगामा मचाया। जेपीसी अध्यक्ष ने कहा कि विपक्षी सांसद बैठक को आगे नहीं बढ़ने दे रहे थे। उन्होंने लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश की। उन्होंने विपक्ष पर रिपोर्ट को पेश नहीं करने देने का आरोप लगाया।
पहले भी बैठक में हो चुका है हंगामा
बता दें कि पिछले 24 जनवरी को हुई जेपीसी की बैठक में काफी हंगामा हुआ था। इस दौरान 10 विपक्षी सांसदों को सस्पेंड भी कर दिया गया था। इसके बाद विपक्षी सांसदों की ओर से लोकसभा सदस्य ओम बिड़ला को एक पत्र लिखा गया, जिसमें मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की गई। विपक्ष का दावा था कि उन्हें ड्राफ्ट में प्रस्तावित बदलावों को लेकर संशोधन का पर्याप्त समय नहीं दिया गया। वहीं भाजपा पर आरोप लगाया कि दिल्ली चुनाव को देखते हुए पार्टी वक्फ संशोधन विधेयक पर रिपोर्ट जल्दी संसद में पेश करने पर जो दे रही है। क्योंकि वह चुनाव में इसका फायदा उठाना चाहती है।