Waqf Bill: क्या है इसका असली मतलब? नए बिल से किसे होगा फायदा ?
Waqf Bill
भारत
RP Raghuvanshi
02 Apr 2025 03:34 PM
Waqf Bill : आज (2 अप्रैल 2025) को लोकसभा में वक्फ बिल नए रूप में पेश किया जाएगा। यदि यह विधेयक पारित हो जाता है, तो यह कानून बन जाएगा। इस कानून के तहत वक्फ संपत्ति से जुड़े विवादों को सुलझाने में राज्य सरकारों की भूमिका और अधिक प्रभावशाली हो जाएगी।
वक्फ का अर्थ क्या है?
'वक्फ' अरबी भाषा के 'वकुफा' शब्द से निकला है, जिसका अर्थ है ‘ठहरना’ या ‘रोकना’।
इस्लाम में, जब कोई व्यक्ति धार्मिक उद्देश्यों से अपनी संपत्ति दान करता है, तो उसे ‘वक्फ’ कहा जाता है।
इस संपत्ति का उपयोग धर्म और समाज कल्याण के लिए किया जाता है, और इसे बेचा नहीं जा सकता।
इतिहास में, पैगंबर मोहम्मद के समय में पहली बार 600 खजूर के पेड़ों का बाग वक्फ किया गया था।
नए वक्फ बिल में क्या बदलाव किए गए हैं?
राज्य सरकारों की भूमिका बढ़ेगी: राज्य सरकारें वक्फ संपत्ति से जुड़े विवादों का समाधान कर सकेंगी।
वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्य: अब वक्फ बोर्ड में दो गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति अनिवार्य होगी।
दान करने की शर्तें सख्त: केवल वही व्यक्ति संपत्ति वक्फ कर सकेगा, जो पिछले 5 वर्षों से इस्लाम धर्म का पालन कर रहा हो।
विवाद निपटाने की प्रक्रिया: किसी संपत्ति को वक्फ घोषित करने से पहले गहन जांच की जाएगी।
पुराने धार्मिक स्थलों की सुरक्षा: पुराने मस्जिद, दरगाह या अन्य धार्मिक स्थानों पर नए कानून का कोई असर नहीं पड़ेगा।
वक्फ संपत्तियों की पारदर्शिता: गजट में प्रकाशित सूची को 90 दिनों के भीतर ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट करना अनिवार्य होगा।
भारत में वक्फ कानून का इतिहास : Waqf Bill
1954: भारत में पहली बार वक्फ एक्ट लागू हुआ।
1995: इस कानून में कई संशोधन किए गए।
2013: नया वक्फ एक्ट बनाया गया।
2024: वक्फ कानून में संशोधन का प्रस्ताव लोकसभा में पेश हुआ।
2025: जेपीसी द्वारा ड्राफ्ट को मंजूरी मिली और संशोधित बिल संसद में पेश किया गया।
वक्फ एक्ट में संशोधन क्यों किया गया?
पिछले कुछ वर्षों में हाईकोर्ट में वक्फ कानून से जुड़ी 120 से अधिक याचिकाएं दायर की गईं।
कई मामलों में वक्फ बोर्ड द्वारा संपत्तियों को अपनी संपत्ति घोषित करने को लेकर विवाद था।
अदालतों ने सरकार को वक्फ कानून में संशोधन करने की सिफारिश की।
याचिकाओं में मुख्य मांगें
सभी धर्मों के ट्रस्टों के लिए एक समान कानून होना चाहिए।
वक्फ ट्रिब्यूनल के बजाय सिविल कानून के तहत मामलों का निपटारा हो।
अवैध तरीके से वक्फ संपत्तियां बेचने वालों को कड़ी सजा मिले।
वक्फ की आर्थिक पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
शिया, बोहरा मुस्लिम और मुस्लिम महिलाओं को भी वक्फ बोर्ड में प्रतिनिधित्व दिया जाए।
सरकार का पक्ष
सरकार का कहना है कि यह संशोधन सच्चर कमेटी की सिफारिशों के आधार पर किया गया है।
वक्फ संपत्तियों के विवाद को 6 महीनों के भीतर निपटाने का प्रावधान किया गया है।
मुस्लिम महिलाओं और पिछड़े मुस्लिम समुदायों को वक्फ बोर्ड में प्रतिनिधित्व देने के लिए यह बदलाव किए गए हैं।
संसद में वोटिंग का गणित
लोकसभा में बिल पास कराने के लिए 272 सांसदों का समर्थन जरूरी है।
बीजेपी के 240 सांसद हैं, लेकिन उन्हें सहयोगी दलों का समर्थन भी चाहिए।
राज्यसभा में 236 में से 119 सांसदों का समर्थन जरूरी है।
सरकार को एनडीए सहयोगियों और निर्दलीय सांसदों के समर्थन की जरूरत होगी। Waqf Bill :