
लोकसभा में बुधवार का सत्र हंगामेदार होने की पूरी संभावना है। केंद्र सरकार तीन विवादास्पद विधेयक पेश करने जा रही है, जिनमें यह प्रावधान है कि गंभीर आपराधिक आरोपों में लगातार 30 दिन तक जेल में रहने वाले प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री या अन्य मंत्री अपने पद से हटा दिए जाएंगे। विपक्ष ने इन बिलों का तीव्र विरोध करते हुए चेतावनी दी है कि वे इस विधेयक को पेश ही नहीं होने देंगे। एक विपक्षी सांसद ने कहा, “जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इसे लोकसभा में पेश करेंगे, तो हम बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। हम टेबल तोड़ देंगे और विधेयक को फाड़ देंगे। Hindi India News
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गृह मंत्री अमित शाह इन विधेयकों को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को भेजने का प्रस्ताव भी करेंगे। विपक्ष का आरोप है कि सरकार गैर-भाजपा शासित राज्यों को अस्थिर करने के उद्देश्य से यह कानून लाना चाहती है। उनका कहना है कि केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर उनके मुख्यमंत्री या अन्य मंत्री गिरफ्तार किए जाएंगे और तत्काल पद से हटा दिए जाएंगे।
विधेयक के अनुसार, यदि कोई प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री ऐसे अपराध में गिरफ्तार होता है, जिसके लिए पांच साल या उससे अधिक की सजा निर्धारित है और लगातार 30 दिन तक हिरासत में रहता है, तो 31वें दिन उसे स्वतः ही पद से हटाया जाएगा। सरकार का यह कदम उन विवादों के संदर्भ में आया है, जब दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और तमिलनाडु के मंत्री वी. सेंथिल बालाजी जेल में रहने के बावजूद अपने पद पर बने रहे। विधेयक में कहा गया है कि ऐसे मामलों में प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति संबंधित मंत्री को पद से हटा देंगे। Hindi India News