
Ghaziabad : गाजियाबाद कमिश्नरेट में महज कुछ घंटों में दो दरोगाओं की मौत से उत्तर प्रदेश पुलिस में शोक की लहर दौड़ गई है। ड्यूटी के दौरान दोनों के सीने में अचानक तेज दर्द उठा था। साथी पुलिस वाले तुरंत ही डॉक्टर के पास लेकर गए। चिकित्सकों ने भरसक प्रयास किया लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। उनके निधन से शोक में डूबे पुलिस महकमें में काम के दबाव को लेकर भी अब सवाल उठने लगे हैं। वहीं सोशल मीडिया पर भी लोग अपने शोक संदेश दोनों पीडि़त परिवारों के लिए भेज रहे हैं।
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद शहर में स्थित इंदिरापुरम में शिप्रा सनसिटी चौकी के प्रभारी दरोगा रामवीर सिंह जादौन (34) रात ढाई बजे गश्त से लौटे थे। वह चौकी में घुसे ही थे कि सीने में तेज दर्द महसूस हुआ। उन्होंने साथी पुलिसवालों को बताया कि दर्द असहनीय है, डॉक्टर के पास जाना होगा। सहकर्मी उन्हें शालीमार गार्डन के एक निजी अस्पताल ले गए। तब तक तबीयत और बिगड़ चुकी थी। चिकित्सक ने तुरंत उपचार शुरू कर दिया। लेकिन इस बहादुर दरोगा की जान नहीं बच सकी। गाजियाबाद की पुलिस उपायुक्त दीक्षा शर्मा का कहना है कि चिकित्सकों ने प्रथम दृष्टया दिल का दौरा पडऩा बताया था। उनके शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसमें मौत का कारण स्पष्ट न होने पर विसरा संरक्षित किया गया। रामवीर सिंह मूलरूप से आगरा जिले के बांह थाना क्षेत्र के गांव मधेपुरा के रहने वाले थे। वह 2015 बैच के थे। पुलिस उपायुक्त डॉ. दीक्षा शर्मा ने बताया कि वह मेहनती और निष्ठावान दरोगा थे।
वहीं दरोगा रामवीर सिंह जादौन की मौत के बाद लालकुआं चौकी पर तैनात दरोगा छत्रपाल (48) की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उनके सीने में दर्द उठा और चक्कर आने लगा। उनकी बिगड़ती हालत देखकर पुलिस वाले घबरा गए और उन्हें तुरंत ही पास के निजी अस्पताल में ले गए। वहां चिकित्सकों ने देखते ही कहा कि उन्हें दिल का दौरा पड़ा है। उपचार के दौरान ही उनकी मौत हो गई। सूचना पर परिवार के लोग अस्पताल पहुंच गए। छत्रपाल सिंह मूलरूप से अमरोहा के सदरपुर गांव के निवासी थे। उनकी दो बेटियां हैं।
इन दोनों दरोगाओं के अचानक निधन से उत्तर प्रदेश के पुलिस महकमें में शोक की लहर फैली हुई है। उप्र पुलिस विभाग के अधिकारी टवीटर हैंडल से शोक संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं। साथ ही सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त करने वालों का तांता लगा हुआ है। कुछ लोग इन मौतों को काम के अत्याधिक दबाव के कारण हुर्ई मौत बता रहे हैं। अनेक लोगों ने पुलिस व्यवस्था में व्यापक सुधार के सुझाव दिये हैं।