
West Bengal: देश की सर्वोच्च जांच एजेंसी सीबीआई की वर्दी भी दागरदार हो गई है। सीबीआई वालों ने पिछले दिनों हुई बोगतुई हिंसा के मुख्य आरोपी को पीट पीटकर मार डाला है। इस मामले में सीबीआई के सात अफसरों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
मामला पश्चिम बंगाल के कोलकाता है। जहां पर सीबीआई के अफसरों पर बोगतुई हिंसा के मुख्य आरोपी ललन शेख को पीट पीटकर मार डालने का आरोप लगा है।
जानकारी के अनुसार सभी सातों अफसरों के खिलाफ हत्या एवं भारतीय दंड संहिता की अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। राज्य एजेंसी ने शेख की पत्नी रेशमा बीबी की शिकायत के आधार पर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया और इस प्राथमिकी को रामपुरहाट जिले के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया।
आपको बता दें कि पश्चि बंगाल के बीरभूम जिले के बोगतुई में तृणमूल कांग्रेस के नेता भादू शेख के घर के समीप उसकी मौत हो जाने के बाद 21 मार्च 2022 को हिंसा भड़क गयी थी। अनेक मकानों को आग लगा दी गयी थी। इस हिंसा में दस लोगों की जान चली गयी थी। इस मामले की जांच सीबीआई द्वारा की जा रही थी।
मृतक की पत्नी रेशमा बीबी ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि सीबीआई अधिकारी अपनी जांच के तहत जब उसके पति को बोगतुई में उसके घर से ले गये थे, तब उन्होंने उनकी जान लेने की धमकी दी थी। उसने यह भी दावा किया था कि इस दौरान सीबीआई अधिकारियों ने शेख के साथ मारपीट की थी। महिला ने आरोप लगाया कि सीबीआई वालों ने उसके पति को पीट पीटकर मौत के घाट उतार दिया है।
मृतक की पत्नी का दावा है कि सोमवार की दोपहर को सीबीआई अधिकारियों ने उसे फोन किया और उसके पति की मौत की जानकारी दी थी। रेशमा बीबी के अनुसार इस दौरान उन्होंने उसे और उसके बेटे की जान लेने की धमकी दी थी।
जब सीआईडी के कदम के बारे में पूछा गया तब सीबीआई के एक अधिकारी ने दावा किया कि सीआईडी की प्राथमिकी में नामजद सात अधिकारियों में कुछ का बोगतुई नरसंहार की जांच से कुछ संबंध नहीं है।
उन्होंने भाषा से कहा कि यह बड़ा रहस्यजनक है कि हमारे जिन कुछ वरिष्ठ अधिकारियों का संबंध बोगतुई हिंसा से है भी नहीं, उन्हें सीआईडी की प्राथमिकी में नामजद किया गया है। हम इस कदम को कानूनी रूप से चुनौती देने का प्रयास कर रहे हैं। फिलहाल कोलकाता जिला पुलिस इस मौत की जांच कर रही है।